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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Nitish Kumar: फिर होगा 'खेला'? अटकलों के बीच BJP ने चल दी पहली चाल; 'ब्रांड नीतीश' पर क्या है JDU का प्लान

    Updated: Thu, 26 Dec 2024 02:32 PM (IST)

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शामिल होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। सम्राट के इस कदम को ...और पढ़ें

    प्रगति यात्रा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी। फोटो- एक्स
    प्रगति यात्रा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी। फोटो- एक्स

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा में सम्राट चौधरी के शामिल होने के राजनीतिक मायने भी समझे जा रहे
    2. नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा में सम्राट चौधरी का शामिल होना, एनडीए में एकजुटता का संदेश

    भुवनेश्वर वात्स्यायन, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की प्रगति यात्रा में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) भी गुरुवार को शामिल हो गए। सम्राट के प्रगति यात्रा में शामिल होने के राजनीतिक मायने समझे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जब पिछले सोमवार से बेतिया जिले से अपनी प्रगति यात्रा आरंभ की थी, तब भाजपा या फिर एनडीए घटक दल से आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं था।

    जदयू नेता व जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ही उनके साथ बेतिया व मोतिहारी दोनों जगहों पर थे। तब यह कहा गया कि पूर्व में भी मुख्यमंत्री भी अपनी यात्रा में अकेले ही रहे हैं। वैसे भाजपा की एक महिला मंत्री एक जगह जरूर नजर आयीं थी। इस पर कहा गया कि समीक्षा बैठक में सभी जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

    एकजुटता साफ-साफ दिखे इसे अब केंद्र में रख रहे

    हाल में जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मीडिया हाउस के एक कार्यक्रम में यह कहा था कि बिहार में अगले वर्ष होने वाला विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) किसके नेतृत्व में लड़ा जाएगा यह भाजपा और जदयू मिलकर तय करेगा। जदयू को इस बात पर हैरानी हुई, क्योंकि पूर्व में जब एनडीए की समन्वय समिति की बैठक मुख्यमंत्री आवास में हुई थी तब यह तय हुआ था कि विधानसभा का अगला चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।

    नीतीश कुमार के नेतृत्व की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने भी अपने बिहार के कार्यक्रम मे की है। अमित शाह के बयान के बाद एनडीए कई तरह की चर्चा शुरू हो गयी। इसी दौरान पटना में आयोजित बिजनेस कनेक्ट कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नहीं गए। कहा गया कि वह अस्वस्थ हैं। आयोजन के कर्ता-धर्ता भाजपा नेता व उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा थे।

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    इस आयोजन के दो दिन बाद मुख्यमंत्री प्रगति यात्रा पर निकले। ऐसे में राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा शुरू हो गयी कि लगता है कि सब कुछ ट्रैक पर नहीं। भाजपा ने तुरंत स्थिति संभाली और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार के काम की जबरदस्त तारीफ करते हुए उन्हें 'भारत रत्न' दिए जाने की बात कही।

    इसके अगले ही दिन मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हो गए। भाजपा ने एनडीए में एकजुटता और नीतीश कुमार के नेतृत्व के प्रति आस्था जताते हुए यह कवायद आरंभ की।

    ब्रांड नीतीश से इतर नहीं जाएगा एनडीए

    जदयू नेताओं ने तो साफ कर दिया है कि ब्रांड नीतीश से इतर जाने का तो कोई प्रश्न ही नहीं है। उनके पास कहने को काफी कुछ हैं कि नीतीश कुमार ने बिहार के लिए क्या किया है। एनडीए के अन्य घटक दल भी नीतीश कुमार के चेहरे पर सुर मिलाते रहे हैं।

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