यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Niyojit Shikshak: अगले महीने पूरी हो जाएगी नियोजित शिक्षकों की सबसे बड़ी मुराद, विभाग ने ले लिया ये बड़ा फैसला
सक्षमता परीक्षा पास करने वाले नियोजित शिक्षकों के लिए गुड न्यूज आई है। सक्षमता परीक्षा पास करने वाले 1 लाख 87 हजार नियोजित शिक्षकों के पदस्थापन के लि ...और पढ़ें

HighLights
- अगले माह 1,87,615 नियोजित शिक्षक बनेंगे राज्यकर्मी
- सक्षमता परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों की काउंसिलिंग की तैयारी
- सॉफ्टवेयर से होगा सक्षमता परीक्षा में सफल शिक्षकों के विद्यालय आवंटन
- रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया से होगा चयनित जिले में आवंटन
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में सक्षमता परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले 1 लाख 87 हजार 615 नियोजित शिक्षकों के पदस्थापन हेतु शिक्षा विभाग द्वारा काउंसिलिंग की तैयारी की जा रही है। काउंसिलिंग जून के अंत होगा। जुलाई में शिक्षकों के पदस्थापन के लिए चयनित जिले में विद्यालय आवंटन सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडमाइजेशन से होगा।
विद्यालय आवंटन के पहले सभी संबंधित शिक्षकों की काउंसिलिंग राज्य मुख्यालय में होगी। फिलहाल, काउंसिलिंग में शिक्षकों के उन सभी प्रमाण-पत्रों एवं कागजात का सत्यापन होगा, जो सक्षमता परीक्षा के आनलाइन फार्म भरते समय दिए गए थे। काउंसिलिंग का शिड्यूल जल्द जारी होगा।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, सक्षमता परीक्षा में ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के 5 हजार 313, नौवीं-दसवीं के 20 हजार 354, छठी-आठवीं के 22 हजार 941 और पहली से पांचवीं कक्षा के 1 लाख 39 हजार 10 शिक्षक सफल हुए हैं। ये सभी विशिष्ट अध्यापक बनने वाले हैं।
इन शिक्षकों से सक्षमता परीक्षा का फार्म भरते वक्त ही तीन जिलों के विकल्प लिए गए थे। शिक्षकों को सक्षमता परीक्षा में प्राप्त अंक एवं आरक्षण के आधार पर जिला आवंटित किया गया है।
आवंटित विद्यालय में योगदान की तिथि से संबंधित शिक्षकों का पदनाम बदल कर विशिष्ट अध्यापक का हो जाएगा। इसके साथ ही योगदान की तिथि से ही इन्हें राज्यकर्मी का दर्जा भी मिल जाएगा।
कैसी होगी विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया
सक्षमता परीक्षा में सफल शिक्षकों के विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया वही होगी, जो बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा के आधार पर विद्यालय अध्यापक के पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों के विद्यालय आवंटन के लिए अपनायी गई थी। विद्यालय अध्यापकों का विद्यालय आवंटन साफ्टवेयर के माध्यम से रैंडमाइजेशन के आधार पर हुआ था।