यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: अब सोशल स्टॉक एक्सचेंज से पैसे जुटाएंगे आधा दर्जन एनजीओ, आईपीओ के जरिए उठा सकते हैं 50 लाख तक की पूंजी
अब सोशल स्टॉक एक्सचेंज भी अस्तित्व में आ गया है। कोई भी गैर-लाभकारी संगठन (एनपीओ व एनजीओ) जो सामाजिक क्षेत्र में काम करने का इरादा रखता है को सामाजिक ...और पढ़ें

HighLights
- नाबार्ड की तकनीक से एनएसई में रजिस्ट्रेशन की हो रही प्रक्रिया
- आईपीओ के माध्यम से उठा सकते हैं 50 लाख तक की पूंजी
नलिनी रंजन, पटना। अब तक आपने नेशनल स्टाक एक्सचेंज या बांबे स्टाक एक्सचेंज के बारे में सुना होगा, लेकिन सोशल स्टाक एक्सचेंज भी अस्तित्व में आ गया है। इसे वर्तमान वित्तीय वर्ष के आरंभ में सेबी की मंजूरी मिल गई थी।
कोई भी गैर-लाभकारी संगठन (एनपीओ व एनजीओ), जो सामाजिक क्षेत्र में काम करने का इरादा रखता है, को सामाजिक उद्यम के रूप में मान्यता दी जाएगी। बिहार में इस व्यवस्था को धरातल पर लाने के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है।
इस कड़ी में नाबार्ड के माध्यम से 35 एनजीओ को एकसूत्र कर राज्य के कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, गरीबी उन्मूलन व ग्रामीण इलाके के विकास को लेकर बड़ी योजना पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। इनमें आधा दर्जन एनजीओ नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया कर रहे हैं।
नाबार्ड दे रहा तकनीकी मदद
यह उद्यमों हेतु उनकी सामाजिक पहल के लिए वित्त की व्यवस्था करने, दृश्यता हासिल करने और फंड जुटाने एवं उपयोग के बारे में बढ़ी हुई पारदर्शिता प्रदान करने के एक माध्यम के रूप में काम करता है।
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सोशल स्टाक एक्सचेंज की शुरुआत गैर-लाभकारी संगठनों और दान देने वालों को एक-दूसरे के करीब लाने और दान में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए की गई है।
इसके लिए नबार्ड तकनीकी रूप से मदद कर रहा है। बिहार की बात करें तो नाबार्ड ऐसी आधा दर्जन से अधिक योजनाओं पर काम कर रहा है।
न्यूनतम 50 लाख तक उठा सकते हैं पूंजी
नाबार्ड के जीएम सत्यपाल आजाद ने बताया कि सेबी के निर्णय के अनुसार अब न्यूनतम 50 लाख की पूंजी बाजार से उठा सकते हैं।
इसके लिए एनजीओ के पास बीते वित्तीय वर्ष में कम से कम 10 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त होने के अतिरिक्त आयकर विभाग से 12ए व 80 जी प्रमाण पत्र होना जरूरी है। इसमें आपके कार्यों का सामाजिक स्तर से आडिट भी निर्धारित है।
कहते हैं अधिकारी
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार ने कहा कि सोशल स्टाक एक्सचेंज का लाभ सामाजिक क्षेत्र की परियोजना के गुणवत्तापूर्वक क्रियान्वयन में मिलेगा।
इससे वित्तीय पारदर्शिता मिलेगी। इसके लिए बिहार के 35 एनजीओ को एकत्र किया गया, जिनमें आधा दर्जन से अधिक सामाजिक क्षेत्र में कार्य को लेकर एनएसई में रजिस्ट्रेशन की तैयारी कर रहे हैं।
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