Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Lok Sabha Elections 2024: किसी की शादी तो कोई हुआ बीमार, लोकसभा चुनाव की ड्यूटी से हटाने की गुहार लगा रहे अधिकारी व कर्मचारी

    Updated: Thu, 18 Apr 2024 08:47 PM (GMT+05:30)

    Lok Sabha Elections 2024 लोकसभा चुनाव में ड्यूटी से बचने के लिए एक हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने आवेदन दिया है। किसी ने शादी के नाम पर तो ...और पढ़ें

    किसी की शादी तो कोई बीमार, चुनाव ड्यूटी से हटाने की गुहार। (सांकेतिक फोटो)
    किसी की शादी तो कोई बीमार, चुनाव ड्यूटी से हटाने की गुहार। (सांकेतिक फोटो)

    HighLights

    1. ड्यूटी से मुक्त करने के लिए आए एक हजार से ज्यादा आवेदन
    2. मेडिकल बोर्ड आज और कल करेगा स्वास्थ्य जांच

    जागरण संवाददाता, पटना।Lok Sabha Elections 2024 लोकसभा चुनाव में ड्यूटी से बचने के लिए एक हजार से ज्यादा पदाधिकारियों व कर्मियों ने अबतक आवेदन दिया है। किसी ने शादी के नाम पर तो किसी ने बीमार होने की वजह से ड्यूटी से खुद को मुक्त कराने की गुहार लगाई है।

    हृदय रोग, शुगर, ब्लडप्रेशर समेत शारीरिक अक्षमता, गंभीर बीमारी, अधिक उम्र का हवाला भी कई लोगों ने दिया है। कुछ ऐसे भी हैं जो वरीयता के लिहाज से चुनाव ड्यूटी से बचना चाह रहे हैं।

    स्वास्थ्य कारणों से चुनाव ड्यूटी से हटाने का आग्रह करनेवालों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होना पड़ेगा। 19 एवं 20 अप्रैल को श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में मेडिकल बोर्ड की टीम उपस्थित रहेगी।

    सुबह 10 से शाम पांच बजे तक असाध्य रोग, दिव्यांगता, गंभीर बीमारी से पीड़ित पदाधिकारियों एवं कर्मियों की जांच की जाएगी।

    बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा निर्णय

    बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही ऐसे लोगों को चुनावी ड्यूटी में रखने या मुक्त करने का निर्णय लिया जाएगा। जांच के लिए चार अपर समाहर्ताओं के नेतृत्व में मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।

    बोर्ड शामिल अधिकारी व डॉक्टर

    विशेष कार्यक्रम के अपर समाहर्ता सत्येंद्र मिश्र, अपर जिला दंडाधिकारी सामान्य खगेश चंद्र झा, जिला भू अर्जन पदाधिकारी रंजन चौधरी एवं जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक राजीव रंजन प्रकाश के नेतृत्व में तीन-तीन डॉक्टर बोर्ड में रखे गए हैं।

    अन्य वरीय अधिकारियों को भी बोर्ड में रखा गया है। बताया जाता है कि कार्यालय में एक ही कर्मी होने, दूसरी ड्यूटी में लगे होने के कारण भी कई कर्मियों ने आवेदन दिया है। कुछ ऐसे भी रहे जिनका बहाना पकड़ा गया।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें : Tejashwi Yadav: चाचा नीतीश नहीं मारते पलटी तो क्या करते तेजस्वी? लालू के लाल ने क्लीयर की बात

    Tejashwi Yadav: चाचा नीतीश नहीं मारते पलटी तो क्या करते तेजस्वी? लालू के लाल ने क्लीयर की बात