यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जहानाबाद में JDU सांसद से क्यों गुस्सा हैं पुराने वोटर? कुछ इस अंदाज में दुहाई देकर मनाने में जुटे पार्टी नेता
लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में सरगर्मी अपने चरम पर है। अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए एनडीए से लेकर आईएनडीआईए गठबंधन के नेता अपना पूरा जोर लगा रहे ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र में जदयू अपने पुराने वोटरों का गुस्सा बदले अंदाज में शांत कर रहा है। सातवें चरण में यहां मतदान होना है और अब मुख्यमंत्री की चुनावी सभा भी जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र में आरंभ हो गयी है।
जहानाबाद में जदयू के पुराने वोटर का गुस्सा इस बात को लेकर है कि उनके सांसद उनके पास नहीं आए। गुस्से का एक कोण यह भी है कि जिस दबंग जाति के लोगों ने जदयू को पिछली बार वोट दिए थे, उस जाति से प्रत्याशी नहीं मिला। वैसे इस पर भी आश्वासन मिलने की बात चर्चा में है। गुस्से के हर एक कोण को जदयू ने नेतृत्व के स्तर से शांत करने की कोशिश की जा रही।
इधर-उधर हुए तो जीत उसे मिलेगी जिसे आप नहीं चाहते
जिस जाति के लोग जहानाबाद में जदयू प्रत्याशी से गुस्सा हैं, उन्हें यह समझाया जा रहा कि अगर गुस्से में वह अपना वोट किसी दूसरे को दे देते हैं तो जीत उसे मिल जाएगी, जो उनकी पसंद नहीं है।
ऐसे में यह उन्हें तय करना है कि उनका गुस्सा उन पर हावी रहेगा या फिर कुछ और। पुराने वाकये को भी याद दिलाया जा रहा है।
वोटों का बिखराव रोकने की बात खूब कही जा रही
पटना से जो नेता जहानाबाद जाकर कैंप कर रहे उनकी कोशिश उन गांवों में विशेष रूप से घूमने की रहती है, जहां से उसके पुराने वोटों में बिखराव की सूचना मिलती है। यह समझाया जा रहा कि उनके वोट में अगर बिखराव हुआ, तो फिर उनके समीकरण के हिसाब से मामला आगे नहीं बढ़ेगा।
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कुछ जगहों पर माफी भी मांग रहे जदयू नेता
जदयू के कई नेता जहानाबाद में कैंप कर रहे हैं। उनका यह अनुभव है कि लोगों की यह शिकायत है कि सांसद उनके पास नहीं आए। जदयू के संबंधित नेता इसके लिए माफी भी मांग ले रहे हैं।
जिस जाति के लोग गुस्सा, उस जाति के नेताओं को जुटाया जा रहा
जिस जाति के लोग खुलेआम जदयू प्रत्याशी के खिलाफ बोल रहे उस जाति के लोगों को जदयू जहानाबाद में जुटा रहा। नियमित रूप से यह कवायद चल रही है।