रिशुश्री मामले में पटना हाईकोर्ट का अहम फैसला, मीडिया ट्रायल पर लगी रोक
पटना हाईकोर्ट ने चर्चित रिशुश्री मामले में मीडिया ट्रायल पर अंतरिम रोक लगा दी है। ...और पढ़ें
-1782425943654_m.webp)
रिशुश्री मामला। (फाइल फोटो)
HighLights
पटना हाईकोर्ट ने ऋषु श्री मामले में मीडिया ट्रायल रोका।
मीडिया को दोषी के रूप में प्रस्तुत करने से रोका गया।
जांच तथ्यों की रिपोर्टिंग की अनुमति, अटकलों पर रोक।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना हाईकोर्ट ने चर्चित रिषु श्री मामले में मीडिया ट्रायल पर अंतरिम रोक लगाते हुए सभी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया मंचों को मामले की सुनवाई लंबित रहने तक याचिकाकर्ता को दोषी के रूप में प्रस्तुत नहीं करने का निर्देश दिया है।
न्यायाधीश अंसुल की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि जांच और न्यायिक कार्यवाही से जुड़े तथ्यों की रिपोर्टिंग की जा सकती है, लेकिन ऐसी किसी भी अटकलपूर्ण या पूर्वाग्रहपूर्ण रिपोर्टिंग पर रोक रहेगी जिससे अभियुक्त की आपराधिक जिम्मेदारी का संकेत मिलता हो।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मीडिया द्वारा किसी व्यक्ति को मुकदमे के निष्कर्ष से पहले 'मास्टरमाइंड', 'किंगपिन', 'स्कैमस्टर' अथवा इसी प्रकार के अन्य विशेषणों से संबोधित करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे उसके दोषी होने का संदेश जाता है।
गैर जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग कर सकती है प्रभावित
कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई संविधान प्रदत्त अधिकार है और इसे मीडिया नैरेटिव के कारण प्रभावित नहीं होने दिया जा सकता।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मीडिया ट्रायल और पूर्व-निषेधात्मक आदेश से संबंधित उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है तथा निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।
खबरें और भी
हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल पारंपरिक मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऑनलाइन समाचार पोर्टल, पॉडकास्ट, वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म तथा सोशल मीडिया चैनलों पर भी समान रूप से लागू होगा। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।