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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar: शैक्षणिक योग्यता अधूरी, पटना हाई कोर्ट ने फार्मासिस्ट पद के लिए आवेदन की अनुमति से किया इनकार

    By Jagran NewsEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Tue, 22 Apr 2025 06:22 PM (IST)

    हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में शैक्षणिक योग्यता अधूरी होने के कारण एक याचिकाकर्ता को फार्मासिस्ट पद के लिए आवेदन करने की अनुमति देने से इनकार कर ...और पढ़ें

    शैक्षणिक योग्यता अधूरी, हाई कोर्ट ने फार्मासिस्ट पद के लिए आवेदन की अनुमति से किया इनकार
    शैक्षणिक योग्यता अधूरी, हाई कोर्ट ने फार्मासिस्ट पद के लिए आवेदन की अनुमति से किया इनकार

    HighLights

    1. अधूरी योग्यता पर आवेदन रद
    2. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपात्र बताया
    3. भर्ती प्रक्रिया में अनुमति नहीं

    विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले से शैक्षणिक योग्यता अधूरी रहने पर याचिकाकर्ता को फार्मासिस्ट पद के लिए आवेदन की अनुमति से इनकार कर दिया। इसी के साथ न्यायाधीश अरविंद सिंह चंदेल की एकलपीठ ने प्रभाकर सिन्हा की याचिका को खारिज कर दिया।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के पास निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूर्ण नहीं होने के कारण वह चयन प्रक्रिया में भाग लेने का पात्र नहीं है।

    याचिकाकर्ता ने अदलत में क्या कहा था?

    याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया था कि बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन संख्या 22/2025 के तहत निकाली गई फार्मासिस्ट के 2473 पदों पर बहाली प्रक्रिया में उन्हें अंतरिम रूप से आवेदन करने की अनुमति दी जाए।

    उनका तर्क था कि उन्होंने 2020-22 सत्र में डिप्लोमा इन फार्मेसी पाठ्यक्रम में नामांकन लिया था, परंतु परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था द्वारा विलंब किए जाने के कारण वे समय पर परीक्षा नहीं दे सके।

    अधिवक्ता ने दिया ये तर्क

    याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रशांत सिन्हा ने कोर्ट को बताया कि पहले भाग की परीक्षा जून 2023 में और दूसरे भाग की परीक्षा नवम्बर 2024 में आयोजित की गई, जिसका परिणाम अभी तक घोषित नहीं हुआ है। ऐसे में याचिकाकर्ता को चयन प्रक्रिया में शामिल होने की अस्थायी अनुमति दी जाए, जो परिणाम और प्रशिक्षण पूर्ण होने पर मान्य हो।

    राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके शाही ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के पास न तो तीनों भागों की उत्तीर्णता प्रमाण-पत्र है और न ही बिहार राज्य फार्मेसी परिषद का पंजीकरण। केवल परीक्षा में देरी के आधार पर उन्हें चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

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    कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और दस्तावेजों के अवलोकन के बाद कहा कि याचिकाकर्ता की शैक्षणिक योग्यता अपूर्ण है और वह चयन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र नहीं है। केवल परीक्षा में देरी के आधार पर उन्हें चयन प्रक्रिया में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

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