यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Shikshak Niyamawali : नई शिक्षक नियमावली पर हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला, सक्षमता परीक्षा को लेकर कही ये बात
Bihar Shikshak Niyamawali बिहार में शिक्षकों के लिए एक जरूरी खबर मंगलवार को सामने आई है। पटना हाईकोर्ट ने नई शिक्षक नियमावली को आंशिक स्वीकृति प्रदान ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Shikshak Niyamawali : पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) ने राज्य में शिक्षकों की नियुक्ति (Bihar Teacher Bharti) से संबंधित राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को अपना निर्णय सुनाया है।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में इसे लेकर आंशिक स्वीकृति दे दी है। मुख्य न्यायाधीश के. विनोद चंद्रन एवं न्यायाधीश हरीश कुमार की खंडपीठ ने प्रमोद कुमार यादव एवं अन्य द्वारा दायर याचिकाओं पर चार मुख्य बिंदुओं पर निर्णय सुनाया।
पटना हाईकोर्ट के फैसले के चार प्रमुख बिंदु
1. प्रथम बिंदु पर हाई कोर्ट ने राज्य में कार्यरत स्थानीय निकाय शिक्षकों की सक्षमता परीक्षा (Sakshamta Pariksha) को सही ठहराया।
2. हाई कोर्ट ने नई शिक्षक नियमावली के रूल (Rules Of New Teacher Manual) चार को निरस्त कर दिया, जिसके तहत सभी शिक्षकों को सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है।
3. हाई कोर्ट ने बिहार राज्य शैक्षिक संस्थागत शिक्षक और कर्मचारी (शिकायत निवारण और अपील नियमावली 2020) के रूल 12 को भी निरस्त कर दिया, जिसके तहत गठित जिला/राज्य अपीलीय प्राधिकार का लंबित वादों/मामलों का इस नियमावली के स्वीकृत होने की तिथि से छह महीने के अंदर निपटारा हो जाना चाहिए, इसके अतिरिक्त उसके बाद जिला/ राज्य अपीलीय प्राधिकार कोई भी नया वाद स्वीकार नहीं करेंगे।
4. हाई कोर्ट ने नियोजित शिक्षकों (Niyojit Shikshak) की प्रोन्नति व एसीपी संबंधित प्रविधान (Provisions Related To Promotion And ACP Of Employed Teachers) बनाने के लिए सरकार को निर्देशित किया है।
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