'शोर' पर पटना हाई कोर्ट सख्त: पुलिस अफसरों को लगाई कड़ी फटकार, कहा- नियमों का हो सख्ती से पालन
पटना हाई कोर्ट ने राजधानी में शोर प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने और पूर्व आदेशों का पालन न करने पर पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। ...और पढ़ें

'शोर' पर पटना हाई कोर्ट सख्त, पुलिस अफसरों को लगाई कड़ी फटकार (AI Generated Image)
HighLights
हाई कोर्ट ने शोर प्रदूषण पर पुलिस को फटकारा।
मैरेज हॉल से अंडरटेकिंग लेने का आदेश दिया।
अदालत ने प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
विधि संवाददाता, पटना। राजधानी में शोर प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने और हाई कोर्ट के पूर्व आदेशों का समुचित पालन नहीं करने पर पटना हाई कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है।
न्यायाधीश राजीव रॉय की एकलपीठ ने सुरेंद्र प्रसाद की ओर से दायर मामले की सुनवाई के दौरान विभिन्न थानों की ओर से दाखिल शपथपत्रों पर असंतोष जताते हुए एक सप्ताह बाद मामले की पुनः सुनवाई तय की है।
मामले में न्यायालय की सहायता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता अजय अमीकस क्यूरी के रूप में उपस्थित हुए, जबकि राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान अदालत ने बुद्धा कॉलोनी, पोठिया (कटिहार) तथा राजीव नगर थाना की ओर से दाखिल शपथपत्रों में गंभीर कमियां पाईं।
पोठिया (कटिहार) के थानाध्यक्ष व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए। सरकारी अधिवक्ता ने न्यायालय को आश्वस्त किया कि पोठिया थानाध्यक्ष अदालत के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करेंगे।
इस पर अदालत ने उन्हें अपने थाना क्षेत्र के सभी मैरेज हाल से लिखित आश्वासन (अंडरटेकिंग) लेने तथा शोर प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बुद्धा कॉलोनी थाना के शपथपत्र पर असंतोष व्यक्त करते हुए अदालत ने कहा कि थाना क्षेत्र के सभी मैरेज हाल से आवश्यक अंडरटेकिंग नहीं ली गई है।
सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं ने अदालत का ध्यान हास्पिटो इंडिया रोड क्षेत्र की ओर आकृष्ट कराया, जहां संशोधित साइलेंसर और प्रेशर हार्न का उपयोग करने वाले बाइक सवार लगातार तेज आवाज कर रहे हैं।
साथ ही मंदिरी क्षेत्र में देर रात तक लाउडस्पीकर बजाए जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने की शिकायत भी की गई।
राजीव नगर थाना के शपथपत्र में भी अदालत ने इसी प्रकार की कमियां पाईं। अधिवक्ताओं ने बताया कि थाना क्षेत्र के कई मैरेज हाल में देर रात तक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है।
इन परिस्थितियों में हाई कोर्ट ने सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को शोर प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने, सभी मैरेज हॉल एवं आयोजन स्थलों से अनिवार्य अंडरटेकिंग प्राप्त करने तथा प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।