पटना हाई कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न मामले में पति को दी जमानत, मेंटेनेंस की शर्त थोपने से साफ इनकार
पटना हाई कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना मामले में पति को जमानत देते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट ...और पढ़ें

दहेज उत्पीड़न मामले में पति को जमानत, मेंटेनेंस की शर्त थोपने से साफ इनकार (AI Generated Image)
HighLights
पटना हाई कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना मामले में पति को दी जमानत।
जमानत पर गुजारा भत्ता की शर्त लगाना अवैध और क्षेत्राधिकार से बाहर।
सासाराम फैमिली कोर्ट को मेंटेनेंस केस जल्द निपटाने का निर्देश।
विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी पति को राहत दी है। न्यायाधीश राज कुमार की पीठ ने स्पष्ट किया कि जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए गुजारा भत्ता (मेंटेनेंस) भुगतान की शर्त लगाना अवैध और क्षेत्राधिकार से बाहर है।
रोहतास जिले के शिकायत मामला संख्या 478/2023 में पत्नी दुर्गावती कुमारी ने पति अमरजीत कुमार पर पल्सर मोटरसाइकिल और सोने की चेन के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। आरोपी पति 12 फरवरी 2026 से जेल में बंद था और करीब सात महीने से कैद में था।
जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान पत्नी के वकील ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए जमानत के साथ अंतरिम मेंटेनेंस तय करने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया।
न्यायाधीश राज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों के नजीरों का हवाला देते हुए कहा कि धारा 498ए (दहेज उत्पीड़न) और मेंटेनेंस संबंधी धारा 125 सीआरपीसी की कार्यवाही पूरी तरह अलग-अलग हैं। जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए मेंटेनेंस भुगतान को शर्त नहीं बनाया जा सकता।
कोर्ट ने पीड़िता की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए आरोपी को निर्देश दिया कि वह रिहाई के तीन सप्ताह के भीतर सासाराम फैमिली कोर्ट में चल रहे मेंटेनेंस केस में उपस्थित हो। साथ ही फैमिली कोर्ट को इस मामले का तुरंत निपटारा करने का निर्देश दिया गया।
हाई कोर्ट ने अमरजीत कुमार को दस हज़ार के मुचलके और दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिया है।
