Patna Metro: पटना में 5.2 किमी भूमिगत सुरंग का काम पूरा, अब अक्टूबर तक डाउन लाइन भी होगी तैयार
पटना मेट्रो के भूमिगत निर्माण में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है, जिसमें मोइन-उल-हक से पटना जंक्शन तक 5.2 किमी अप लाइन सुरंग का काम पूरा हो गया है।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना मेट्रो के भूमिगत निर्माण कार्य में मंगलवार को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई। पटना मेट्रो के PC-03 पैकेज में नौवां TBM ब्रेकथ्रू हुआ। इसके साथ ही मोइन-उल-हक मेट्रो स्टेशन से पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन तक अप लाइन में 5.2 किलोमीटर भूमिगत सुरंग निर्माण का काम पूरा हो गया। अब डाउन लाइन का काम भी अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।
5.2 किमी की टनलिंग पूरी, TBM-1 ने पूरा किया सफर
इस ब्रेकथ्रू के साथ TBM-1 ने इस हिस्से में अपनी टनलिंग यात्रा पूरी कर ली है। भूमिगत सुरंग निर्माण की यह उपलब्धि पटना मेट्रो परियोजना के लिए अहम पड़ाव मानी जा रही है।
मोइन-उल-हक से पटना जंक्शन तक सुरंग तैयार होने के बाद शहर के मध्य हिस्से को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का काम एक कदम और आगे बढ़ा है।
PC-03 में हुआ नौवां TBM ब्रेकथ्रू
PC-03 के तहत पटना के घनी आबादी वाले और महत्वपूर्ण हिस्सों के नीचे भूमिगत मेट्रो सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। TBM के जरिये जमीन के भीतर सुरंग तैयार करने का काम लगातार आगे बढ़ रहा है। नौवां ब्रेकथ्रू इसी क्रम में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
अब डाउन लाइन पर काम तेज, अक्टूबर तक लक्ष्य
अप लाइन का 5.2 किलोमीटर भूमिगत हिस्सा पूरा होने के बाद अब डाउन लाइन की टनलिंग पर फोकस है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार डाउन लाइन का काम भी अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होने के बाद इस हिस्से में भूमिगत निर्माण कार्य को और मजबूती मिलेगी।
पटना जंक्शन तक पहुंचेगी मेट्रो की कनेक्टिविटी
पटना जंक्शन शहर के सबसे महत्वपूर्ण परिवहन केंद्रों में शामिल है। यहां मेट्रो की पहुंच बनने से रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख हिस्सों के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
भूमिगत रूट के कारण व्यस्त इलाकों में सड़क यातायात को प्रभावित किए बिना मेट्रो नेटवर्क का विस्तार संभव हो रहा है।
घनी आबादी के नीचे बन रही भूमिगत सुरंग
PC-03 के तहत मेट्रो सुरंग का निर्माण शहर के व्यस्त और घनी आबादी वाले हिस्सों के नीचे किया जा रहा है। ऐसे क्षेत्रों में TBM तकनीक से भूमिगत निर्माण किया जा रहा है, ताकि ऊपर के यातायात और सामान्य गतिविधियों पर कम से कम असर पड़े। लगातार हो रहे ब्रेकथ्रू से परियोजना के निर्माण कार्य में गति दिखाई दे रही है।
मेट्रो परियोजना में अहम पड़ाव
पटना मेट्रो के भूमिगत निर्माण में यह उपलब्धि परियोजना की प्रगति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 5.2 किलोमीटर की अप लाइन पूरी होने और डाउन लाइन को अक्टूबर तक पूरा करने के लक्ष्य से इस हिस्से का निर्माण कार्य अगले चरण की ओर बढ़ रहा है।
शहर के बीच बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद
पटना जंक्शन जैसे प्रमुख परिवहन केंद्र को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का फायदा शहर के यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। मेट्रो के भूमिगत कॉरिडोर से शहर के मध्य हिस्सों में तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प विकसित होगा।
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसका असर यातायात व्यवस्था और यात्रियों की आवाजाही पर भी देखने को मिल सकता है।
ब्रेकथ्रू के साथ बढ़ी परियोजना की रफ्तार
PC-03 में लगातार TBM ब्रेकथ्रू पटना मेट्रो के भूमिगत निर्माण की प्रगति को दिखा रहे हैं। मंगलवार को हुए नौवें ब्रेकथ्रू के बाद अब अक्टूबर तक डाउन लाइन पूरा करने का लक्ष्य अगला बड़ा पड़ाव होगा। इसके बाद पटना के इस महत्वपूर्ण हिस्से में मेट्रो कनेक्टिविटी का काम और आगे बढ़ेगा।
