पटना के मुसल्लहपुर कृषि बाजार का 68.41 करोड़ से कायाकल्प, किसानों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
पटना के मुसल्लहपुर कृषि उत्पादन बाजार प्रांगण का 68.41 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण हो रहा है। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने निर्माण कार्यों का न ...और पढ़ें

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बाजार प्रांगण का निरीक्षण किया
HighLights
मुसल्लहपुर कृषि बाजार का 68.41 करोड़ से आधुनिकीकरण।
किसानों को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर विपणन व्यवस्था मिलेगी।
ई-नाम से जुड़ेगा बाजार, 2026 तक पूरा होगा काम।
डिजिटल डेस्क, पटना। राजधानी पटना के मुसल्लहपुर कृषि उत्पादन बाजार प्रांगण का स्वरूप जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है। इसके आधुनिकीकरण और जीर्णोद्धार का काम तेजी से चल रहा है। कार्य पूरा होने के बाद यहां किसानों और व्यापारियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी तथा फल-सब्जी कारोबार को भी नया प्लेटफॉर्म मिलेगा।
शुक्रवार को कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बाजार प्रांगण का निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाते हुए तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
68.41 करोड़ की लागत से होगा विकास
निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने बताया कि मुसल्लहपुर कृषि उत्पादन बाजार प्रांगण के आधुनिकीकरण एवं जीर्णोद्धार के लिए कृषि विभाग ने 68.41 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह परियोजना किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में एपीएमसी एक्ट के निरसन के बाद राज्य सरकार द्वारा तैयार कृषि रोडमैप के तहत सभी बाजार प्रांगणों को आधुनिक और सुदृढ़ बनाया जा रहा है, ताकि किसानों को बेहतर बाजार और सुविधाएं मिल सकें।
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ई-नाम से जुड़ेगा राष्ट्रीय मंडियों का नेटवर्क
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों को आधुनिक और पारदर्शी बाजार व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से मुसल्लहपुर बाजार प्रांगण को ई-नाम (e-NAM) प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंडियों से जोड़ा जाएगा।
इससे किसानों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध होगा और उन्हें बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी बढ़ेगी। साथ ही बाजार में व्यापार की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी।
बाजार में विकसित होंगी आधुनिक आधारभूत सुविधाएं
परियोजना के तहत बाजार परिसर में पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और गोदाम जैसी कई आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इससे बाजार परिसर अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक रूप में विकसित होगा।
इन सुविधाओं के विकसित होने से किसानों और व्यापारियों को खरीद-फरोख्त के लिए बेहतर माहौल मिलेगा और फल-सब्जी कारोबार को भी गति मिलेगी।
फल-सब्जी विक्रेता संघ ने रखीं कई मांगें
निरीक्षण के दौरान पटना फल-सब्जी विक्रेता संघ के अध्यक्ष शशिकांत प्रसाद ने कृषि मंत्री से मुलाकात कर बाजार प्रांगण के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज निर्माण, संतरा भंडारण के लिए दो विशेष चैंबर और एक प्रदर्शनी हॉल की व्यवस्था कराने का आग्रह किया।
इसके अलावा उन्होंने गेट नंबर-2 से आने वाले किसानों के वाहनों को नो-एंट्री से मुक्त करने की भी मांग की, ताकि किसानों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी न हो।
वर्ष 2026 के अंत तक पूरा होगा निर्माण कार्य
कृषि मंत्री ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों और व्यापारियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बाजार प्रांगण को आधुनिक और किसान हितैषी बनाया जाएगा।
निर्माण एजेंसी ने जानकारी दी कि मुसल्लहपुर बाजार प्रांगण के आधुनिकीकरण और जीर्णोद्धार का कार्य वर्ष 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। कृषि मंत्री ने कहा कि मजबूत बाजार व्यवस्था से किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।