NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में बड़ा एक्शन; एसआईटी का गठन, पटना आईजी को भी जिम्मेदारी
पटना के चित्रगुप्त नगर में नीट छात्रा की मौत मामले की जांच अब पटना आईजी जितेंद्र राणा की निगरानी में होगी। डीजीपी विनय कुमार के आदेश पर एक विशेष जांच ...और पढ़ें

सम्राट चौधरी ने एसआईटी गठन की सूचना साझा की।
HighLights
पटना नीट छात्रा मौत की जांच आईजी राणा करेंगे।
डीजीपी के आदेश पर विशेष एसआईटी का गठन हुआ।
महाचंद्र प्रसाद सिंह ने आत्महत्या से इनकार किया।
राज्य ब्यूरो, पटना। राजधानी के चित्रगुप्त नगर के गर्ल्स हास्टल में हुई नीट की छात्रा की मौत मामले की जांच अब पटना आइजी जितेंद्र राणा की निगरानी में होगी।
वह प्रतिदिन इस मामले की जांच की समीक्षा करेंगे। इसके लिए विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है। बिहार पुलिस के डीजीपी विनय कुमार ने छात्रा की मौत मामले का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार की देर शाम इससे जुड़ा आदेश जारी किया है।
गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने डीजीपी के आदेश की प्रति अपने इंटरनेट मीडिया हैंडल से जारी कर एसआईटी गठित होने की जानकारी दी है।
डीजीपी ने अपने आदेश में कहा है कि पटना के चित्रगुप्त नगर थाना कांड संख्या 14/26 का पर्यवेक्षण केंद्रीय क्षेत्र पटना के महानिरीक्षक करेंगे।
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इस कांड का त्वरित उद्भेदन करने के लिए आइजी एसआईटी का गठन करेंगे जिसमें पुलिस अधीक्षक, नगर पूर्वी की अध्यक्षता में एक-एक महिला एवं पुरुष डीएसपी, एक-एक महिला एवं पुरुष इंस्पेक्टर रहेंगे।
इस एसआईटी में आवश्यकतानुसार पुलिस अवर निरीक्षक, सहायक अवर निरीक्षक एवं सिपाहियों को भी शामिल करने का निर्देश दिया गया है।
पटना आइजी जितेंद्र राणा को अपनी निगरानी में कांड के अनुसंधान की प्रतिदिन समीक्षा करने का निर्देश भी डीजीपी ने दिया है।
शर्म से झुक गया सिर
इधर बिहार के उच्च जाति आयोग के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री महाचंद्र प्रसाद सिंह ने कहा है कि इस घटना ने बिहार का सिर झुका दिया है।
पुलिस कुछ भी कहे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सबकुछ स्पष्ट कर दिया है। गहराई से जांच की जरूरत है। घिनौने काम में भी हो, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले। इस संबंध में पत्र भी लिखेंगे।
मासूम बच्ची साजिश का शिकार हुई है। शुरू में इसे सुसाइड का रूप देने का प्रयास किया गया, लेकिन अब स्पष्ट हुआ कि ये सुसाइड नहीं है। समय सीमा के अंदर सबकुछ स्पष्ट होना चाहिए, इसके लिए फिर से सरकार को पत्र लिखेंगे।