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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ED Raid in Bihar: महुआ ग्रुप के 3 ठिकानों पर ED ने की ताबड़तोड़ छापामारी, प्रमुख संचालक को किया गिरफ्तार

    Updated: Wed, 22 Jan 2025 08:44 AM (IST)

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का बिहार में एक्शन लगातार जारी है। ईडी ने मुजफ्फरपुर के महुआ ग्रुप ऑफ कंपनी के प्रमुख संचालक जवाहर लाल को फर्जीवाड़े के आरोप म ...और पढ़ें

    पटना के महुआ ग्रुप ऑफ कंपनी पर ईडी का छापा (जागरण)
    पटना के महुआ ग्रुप ऑफ कंपनी पर ईडी का छापा (जागरण)

    HighLights

    1. गिरफ्तारी से पहले पटना, दिल्ली और दार्जिलिंग समेत चार स्थानों पर छापा
    2. पहले ईओयू कर रहा था मामले की जांच, बाद में ईडी ने शुरू की कार्रवाई

    राज्य ब्यूरो, पटना। Patna News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर से महुआ ग्रुप आफ कंपनी से जुड़े फर्जीवाड़े में कंपनी के प्रमुख संचालक जवाहर लाल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी से पूर्व निदेशालय की जांच टीम ने पटना, दिल्ली, दार्जिलिंग के साथ ही कुल चार स्थानों पर छापा भी मारा था।

    छापामारी की इस कार्रवाई में जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण, दस्तावेज के साथ अन्य बरामदगी की है। हालांकि प्रर्वतन निदेशालय की ओर से अब तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

    महुआ ग्रुप ऑफ कंपनी राज्य के विभिन्न जिलों में सक्रिय थी

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महुआ ग्रुप ऑफ कंपनी प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय थी। हालांकि इसका कारोबार मूल रूप से उत्तर बिहार में ज्यादा था। यह कंपनी पोंजी स्कीम के तहत लोगों के साथ ठगी कर रही थी। इस कंपनी के संचालक पूर्व में सहारा इंडिया से जुड़े थे।

    बाद में इन्होंने कुछ लोगों के साथ मिलकर महुआ कंपनी बना ली थी। कंपनी के जरिये लोगों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर उनसे निवेश करा रही थी। बाद में कंपनी ने रातों-रात अपना कारोबार बंद कर दिया और लोगों को पैसा लेकर फरार हो गई।

    पहले इसकी जांच ईओयू के पास थी लेकिन बाद में इसे ईडी को दी गई

    इस फर्जीवाड़े की जांच प्रारंभ में आर्थिक अपराध इकाई ने शुरू की थी। परंतु इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय को सौंप दी गई थी। निदेशालय ने लंबे समय तक अपनी जांच के बाद सोमवार को इस कंपनी के चार अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा इसके बाद कंपनी संचालक जवाहर लाल शाह को गिरफ्तार भी कर लिया।

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    इस मामले में जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। महुआ ग्रुप आफ कंपनी के नाम पर आधा दर्जन से अधिक अन्य कंपनियां भी संचालित होने की बात सामने आ रही है। जिसकी जांच जारी है। अब तक की जांच में करीब सौ करोड़ रुपये की ठगी की बात सामने आई है।

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भारत सरकार की एक प्रमुख जांच एजेंसी है, जो आर्थिक अपराधों और वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने के लिए जिम्मेदार है। ईडी का मुख्य उद्देश्य आर्थिक अपराधों को रोकना और उन्हें प्रोत्साहित करने वाले तत्वों को पकड़ना है।

    ईडी का क्या काम होता है?

    •  आर्थिक अपराधों की जांच: ईडी आर्थिक अपराधों जैसे कि मनी लॉन्डरिंग, कर चोरी, और अन्य वित्तीय अनियमितताओं की जांच करती है।
    •  वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाना: ईडी वित्तीय अनियमितताओं जैसे कि फंड की हेराफेरी, शेयर बाजार में धोखाधड़ी, और अन्य वित्तीय अपराधों का पता लगाती है।
    •  अपराधियों की संपत्ति की जब्ती: ईडी अपराधियों की संपत्ति को जब्त करने के लिए कार्रवाई करती है, जो आर्थिक अपराधों से प्राप्त की गई है।
    •  आर्थिक अपराधों को रोकने के लिए नीतियों का निर्माण: ईडी आर्थिक अपराधों को रोकने के लिए नीतियों का निर्माण करती है और उनके कार्यान्वयन की निगरानी करती है।

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