Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Patna: पुलिस ने घायल युवक को हाथ ठेले पर भेजा अस्‍पताल, डॉक्‍टरों ने किया मृत घोषित; अब SP ने कही जांच की बात

    By Prashant KumarEdited By: Prateek Jain
    Updated: Sat, 23 Sep 2023 10:22 PM (IST)

    Patna Police राजधानी के पॉश इलाके श्रीकृष्ण नगर में शनिवार को एक युवक पर चाकू से वार किए गए। आरोपित भाग निकले और लहुलूहान युवक बेहोश होकर गिर पड़ा। इस ...और पढ़ें

    Patna: पुलिस ने घायल युवक को हाथ ठेले पर भेजा अस्‍पताल, डॉक्‍टरों ने किया मृत घोषित
    Patna: पुलिस ने घायल युवक को हाथ ठेले पर भेजा अस्‍पताल, डॉक्‍टरों ने किया मृत घोषित

    प्रशांत कुमार, पटना: राजधानी के पॉश इलाके श्रीकृष्ण नगर में शनिवार को एक युवक पर चाकू से वार किए गए। आरोपित भाग निकले और लहुलूहान युवक बेहोश होकर गिर पड़ा।

    इस बीच पुलिस को सूचना दी गई, वह आई भी, पर लोगों से पूछताछ के बाद एक ठेले की व्यवस्था कर उसे पीएमसीएच भेज दिया।

    वह मर चुका था या जीवन की संभावना भी थी, यह जैसे स्वयं तय कर लिया, अन्यथा गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को तत्क्षण अस्पताल पहुंचाने का प्रबंध किया जाता।

    घटनास्‍थल से पांच किमी दूर है पीएमसीएच

    एंबुलेंस का किराया देने के लिए रुपये नहीं होने पर ठेला, हाथ गाड़ी, स्वजन के कंधे या गोद में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के मामले अक्सर आते रहते हैं, लेकिन यहां तो डॉक्टरी जांच के बिना ही जैसे मृत मान लिया हो और ठेले से पीएमसीएच भेज दिया, जहां चिकित्सकों ने जख्मी राजन को मृत घोषित कर दिया।

    श्रीकृष्ण नगर से पीएमसीएच की दूरी लगभग पांच किलोमीटर है। युवक के शरीर पर तीन जगह चाकू से वार किए गए थे। वारदात के करीब आधे घंटे बाद ठेले से भेजे जाने पर उसमें यदि जान बची होती तो भी निकल जाती।

    क्या पुलिसकर्मियों के पास सरकारी वाहन नहीं था? जिससे तत्काल जख्मी को अस्पताल पहुंचाया जाता, जबकि पुलिसकर्मी अपने वाहन से गई थी।

    अस्‍पताल में भी पीएमसीएच ही क्यों? सबसे पहले नजदीकी अस्पताल में भी उसे ले जाया जा सकता था। संसाधन और बल की कमी होने का तर्क चाहे कितना हो, पर इसने व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है।

    प्रत्यक्षदर्शी ने दैनिक जागरण से की बातचीत

    एक प्रत्यक्षदर्शी ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि चाकू लगने के बाद राजन कुछ दूर तक दौड़ा था, फिर जमीन पर गिर पड़ा। वह लगभग पंद्रह मिनट तक तड़प रहा था। इसके बाद बेहोश हो गया।

    इस बीच पुलिस को खबर दी गई। हालांकि, 20 मिनट बाद पुलिसकर्मी पहुंचे थे। उन्होंने लोगों से बातचीत की। हल्ला हुआ कि मर गया है। इसके बाद एक सिपाही चौराहे से ठेला लेकर आया, उस पर सफेद चादर डाल कर युवक को उस पर रख दिया और ठेले वाले को पीएमसीएच जाने के लिए कहा।

    खबरें और भी

    इस प्रक्रिया में और आधा घंटा लगा। पीएमसीएच के पोस्टमार्टम हाउस में राजन का शव 12:43 बजे पहुंचा था। हालांकि, उस वक्त तक पुलिस ने उसकी पहचान नहीं बताई थी, उसे अज्ञात बता कर मुर्दाघर पहुंचाया गया था।

    बुद्धा कॉलोनी थाने की पुलिस से जानकारी ली गई तो बताया कि जब पुलिस वहां पहुंची तो वर्षा हो रही थी। एंबुलेंस को बुलाने का प्रयास किया गया था। तत्काल साधन के रूप में ठेला मौजूद था तो उससे जख्मी को पीएमसीएच भेजा गया था। हालांकि, उनका जवाब संतोषजनक नहीं है। चूक किस स्तर पर हुई, इसकी जांच कराई जा रही है। - वैभव शर्मा, सिटी एसपी