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    पटना में 15 हजार करोड़ का 150 क‍िमी रिंग रोड; एक्सेस कंट्रोल से हादसों पर लगेगा ब्रेक, मंत्री ने बताई खासियत

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 11:28 AM (IST)

    पटना रिंग रोड परियोजना में एक्सेस कंट्रोल खंड शामिल किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाएं कम होंगी और वाहनों की ईंधन खपत भी घटेगी। लगभग 15,000 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

    पटना रिंंग रोड में होगा  एक्‍ससे कंट्रोल। प्रतीकात्‍मक फोटो

    पटना रिंंग रोड में होगा एक्‍ससे कंट्रोल। प्रतीकात्‍मक फोटो

    HighLights

    1. एक्सेस कंट्रोल से सड़क दुर्घटनाएं घटेंगी, ईंधन खपत में कमी।

    2. 150 किमी रिंग रोड छह जिलों को जोड़ेगा, कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

    3. शहर में ट्रैफिक कम होगा, सोनपुर एयरपोर्ट से सीधा जुड़ाव।

    राज्य ब्यूरो, पटना। निर्माणाधीन पटना रिंग रोड परियोजना में एक्सेस कंट्रोल खंड भी शामिल किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

    एक्‍ससे कंट्रोल खंड का मतलब होता है कि वाहनों के प्रवेश और निकास को पूरी तरह नियंत्रित किया जाता है। इसमें मेन रोड पर मनमाने ढंग से गाड़‍ियां नहीं आ-जा सकतीं। इसके लिए तय स्‍थान ही होता है। 

     

    वाहनों के इंधन खपत में आएगी कमी  

    पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिंग रोड का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि इस पर चलने वाले वाहनों की ईंधन खपत कम होगी।

    इससे ट्रांसपोर्टरों को भी आर्थिक राहत मिलेगी। करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजना पटना को सारण, गया, अरवल, भोजपुर, समस्तीपुर और वैशाली से निर्बाध रूप से जोड़ेगी।

    इसकी कुल लंबाई लगभग 150 किलोमीटर होगी। यह सड़क प्रस्तावित सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए भी एक अहम कनेक्टिविटी लिंक बनेगी।

    हाईस्पीड कॉरिडोर से ट्रैफिक व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव

    रिंग रोड के निर्माण के बाद भारी वाणिज्यिक और लंबी दूरी के वाहनों को पटना शहर में प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे शहर में जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।

    इसके साथ ही गंगा नदी पर विकसित हो रहे विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क से भी इसका सीधा जुड़ाव होगा। विशेष रूप से रामनगर–कच्ची दरगाह और छह लेन पुल से कनेक्टिविटी मिलने के कारण उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन और आसान हो जाएगा।

    परियोजना की वर्तमान स्थिति

    कन्हौली-शेरपुर खंड का काम आवंटित किया जा चुका है, जबकि शेरपुर से दिघवारा के बीच निर्माण कार्य जारी है। इस खंड की मंजूरी के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।

    गंगा के उत्तर में 37.35 किलोमीटर लंबा दिघवारा-बिदुपुर एलाइनमेंट प्रस्तावित है, जबकि दक्षिणी हिस्से में निर्माण कार्य प्रगति पर है।

    कुल 150 किलोमीटर लंबे इस रिंग रोड से करीब 1350 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया जाएगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री पैकेज और भारतमाला योजना के तहत विकसित की जा रही है।

    अब तक 39.16 किलोमीटर सड़क का निर्माण 984 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा चुका है।

    क्या होंगे बड़े फायदे

    • पटना समेत छह जिलों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी
    • सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी
    • शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा
    • जाम की समस्या से राहत मिलेगी
    • लॉजिस्टिक हब के रूप में विकास को बढ़ावा मिलेगा
    • माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी

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