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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Politics: अभी राजनीति के फोकस में है 'बिहार', जीतने की जुगत में मोदी-राहुल; ऐसा है समीकरण

    Updated: Sun, 06 Apr 2025 10:11 PM (GMT+05:30)

    राहुल गांधी 7 अप्रैल को तीसरी बार बिहार आ रहे हैं। इससे पहले वे 18 जनवरी और 4 फरवरी को बिहार आ चुके हैं। राहुल के दौरे से कांग्रेस में उत्साह है और चु ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

    HighLights

    1. लोकसभा चुनाव के बाद तीसरी बार बिहार आ रहे राहुल, चौथी बार आने वाले हैं पीएम
    2. अक्टूबर-नवंबर में हो सकता है बिहार में विधानसभा चुनाव

    राज्य ब्यूरो, पटना। कहते हैं कि बिहार से होकर बहने वाली हवा देश की राजनीतिक दिशा का निर्धारण करती है। लोकसभा चुनाव में बहुत हद तक यह सिद्ध भी हुआ है।

    विपक्षी एकजुटता के पैरोकार बने बिहार ने ही सबसे पहले इस पहल पर पानी फेरा। उसके बाद आईएनडीआईए (बिहार में महागठबंधन) को पिछले चुनाव की तुलना में अधिक सीटें भी सौंप दी। वस्तुत: इस चुनावी स्वभाव के कारण ही बिहार में सभी राजनीतिक दलों को अपनी संभावना दिखती है।

    आगे विधानसभा चुनाव में इस संभावना को भुनाने के उद्देश्य से आमने-सामने के दोनों गठबंधनों (राजग और महागठबंधन) ने अभी से जोर लगा रखा है। लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी तीसरी बार 07 अप्रैल को बिहार आ रहे, जबकि 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दौरा संभावित है। मोदी का यह चौथा दौरा होगा।

    सभी दलों की राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी

    अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होना है। उससे पहले सभी दलों की राजनीतिक गतिविधि बढ़ी हुई है। जाति आधारित रैलियों के बीच विभिन्न दलों द्वारा यात्राओं का क्रम भी चल रहा। इन आयोजनों में माह भर पहले तक कांग्रेस सुस्त पड़ रही थी।

    अब कन्हैया कुमार की पलायन रोको-नौकरी दो पदयात्रा के साथ वह भी एक्टिव है। इस बार राहुल गांधी के दौरे का एक उपक्रम इस यात्रा में सहभागिता भी है। वे बेगूसराय जाएंगे और कन्हैया के साथ पैदल चलेंगे। उसके बाद पटना में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन में सहभागी होंंगे।

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    राहुल का तीसरा दौरा

    इस वर्ष मार्च का अंतराल लेते हुए राहुल का यह तीसरा दौरा होगा। इससे पहले 18 जनवरी और 04 फरवरी को वे बिहार आ चुके हैं। इन दौरों से कांग्रेस-जनों में उत्साह बढ़ा है और चुनावी तैयारियों को विस्तार देने के लिए निचले स्तर तक संगठन की चूलें कसी जा रहीं।

    चर्चा है कि विधानसभा चुनाव से पहले कम-से-कम दो दौरे प्रियंका गांधी के भी होंगे और राहुल आते-जाते रहेंगे। पिछली बार की तुलना में इस बार लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन से कांग्रेस की आशा बिहार में बढ़ी है।

    अप्रैल में मोदी भी आ रहे बिहार

    अपने शासन-काल के प्रदर्शन और विकास के लिए प्रतिबद्धता के आधार पर राजग की आशा और अधिक है। प्रधानमंत्री के दौरे से उस आशा को बल मिलता है। इसीलिए भाजपा की प्रदेश इकाई हर महत्वपूर्ण अवसर पर मोदी के दौरे की अपेक्षा रख रही।

    इस बार राष्ट्रीय पंचायत दिवस के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री 24 अप्रैल को मधुबनी में रहेंगे। वे पंचायती राज से संबंधित किसी ऐसी योजना की घोषणा कर सकते हैं, जिसका संदेश व्यापक हो। इसके अलावा पटना में हवाई अड्डा के नए टर्मिनल के उद्घाटन के साथ ही वे बिहटा हवाई अड्डा का शिलान्यास भी कर सकते हैं।

    इससे पहले मोदी 24 फरवरी को भागलपुर आए थे। तब उन्होंने किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त जारी की थी।

    उससे पहले 15 नवंबर, 2024 को जमुई में जनजातीय गौरव उत्सव दिवस के उद्घाटन और दो दिन बाद 15 नवंबर को दरभंगा में एम्स के शिलान्यास के लिए उनका आगमन हुआ था। ये सभी दौरे लोकसभा चुनाव के बाद के हैं।

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