Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Prashant Kishor Health: प्रशांत किशोर की सेहत में सुधार, ICU से आइसोलेशन वार्ड में हुए शिफ्ट

    Updated: Thu, 09 Jan 2025 06:36 PM (IST)

    जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। यही कारण है कि उन्हें अब पटना के मेदांता अस्पताल के आईसीयू से आइसोलेशन वार ...और पढ़ें

    स्वास्थ्य में सुधार पर आईसीयू से आइसोलेशन वार्ड में किए गए पीके (फोटो- जसुपा एक्स)
    स्वास्थ्य में सुधार पर आईसीयू से आइसोलेशन वार्ड में किए गए पीके (फोटो- जसुपा एक्स)

    HighLights

    1. स्वास्थ्य में सुधार पर आईसीयू से आइसोलेशन वार्ड में किए गए पीके
    2. जसुपा ने लगाया ज्यादती का आरोप, मुकदमे को बताया दुर्भावना से प्रेरित

    राज्य ब्यूरो, पटना। जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। पटना स्थित मेदांता अस्पताल के आईसीयू से गुरुवार अपराह्न उन्हें आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया। बिहार में शिक्षा-परीक्षा और रोजी-रोजगार के मुद्दे पर पीके दो जनवरी से आमरण अनशन पर हैं।

    उसी क्रम में सात जनवरी को प्रशांत किशोर को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। इस बीच गुरुवार को प्रेस-वार्ता कर जसुपा के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज भारती (Manoj Bharti) ने पुलिस-प्रशासन पर ज्यादती का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दुर्भावना से प्रेरित होकर मामले दर्ज हुए हैं और ऐसी-वैसी धाराएं लगाई गई हैं।

    'बिना कस्टडी का कागज लिए ही...'

    प्रशांत किशोर के अधिवक्ता अमित कुमार ने कहा कि छह जनवरी को बिना कस्टडी का कागज लिए ही पुलिस पीके को बेउर जेल ले गई। जेल अधीक्षक ने उन्हें अंदर रखने से मना कर दिया।

    पीके पर लगी धारा पर उठा सवाल

    आश्चर्यजनक है कि जेल ले जाने के लिए जब उन्हें कोर्ट परिसर से निकाला गया तब सुनवाई चल ही रही थी। उनके विरुद्ध लगाई गई धाराओं में 191(3) भी है, जो दंगा के दोषी और घातक हथियार रखने से संबंधित है। गांधी मैदान में अनशन-स्थल पर किसी के हाथ में एक छड़ी तक नहीं थी, फिर भी यह धारा लगाई गई।

    'जब मैंने दिशा-निर्देश की याद दिलाई तो...'

    आईपीएस अधिकारी रहे आनंद मिश्रा ने कहा कि गिरफ्तारी के लिए पहुंचे पुलिस अफसरों के पास रैंक और आइ-कार्ड नहीं था। क्या षड्यंत्र के कारण पुलिस ने अपनी पहचान छुपाई। जब मैंने दिशा-निर्देश की याद दिलाई तो पुलिस अफसर ने मात्र रैंक की जानकारी दी। यह पूरी तरह से अवैधानिक है।

    7 जनवरी को मेदांता के डॉक्टर ने क्या कहा था?

    जयप्रभा मेदांता हाॅस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डाॅ. रवि शंकर सिंह, पूर्व राज्यसभा सदस्य पवन वर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता वाईवी गिरी ने मंगलवार की रात नौ बजे जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के स्वास्थ्य की जानकारी दी थी। डॉ. रवि शंकर ने उस समय कहा था कि आगे क्या होगा कहना मुश्किल है, आगे चीजें कॉम्प्लीकेटेड हो सकती हैं।

    खबरें और भी

    उन्होंने बताया, हम उनसे कह रहे हैं कि खाना लें, लेकिन वे अपने निर्णय पर कायम हैं। अभी आईवी के जरिए न्यूट्रीशन व दवाईयां दे रहे हैं। अभी स्थिति ठीक है, लेकिन हम बार-बार उनसे कह रहे हैं कि खाना खाएं, ताकि हमारा काम आसान हो सके।

    ये भी पढ़ें- Prashant Kishor की वैनिटी वैन के राज से उठा पर्दा! एक लेटर ने खोल दी पूरी 'कुंडली', अब क्या करेंगे पीके?

    ये भी पढ़ें- Prashant Kishor: जेल से छूटने के बाद आया प्रशांत किशोर का पहला रिएक्शन, बताया आगे का पूरा प्लान