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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पीछे से कौन चला रहा बिहार? PK ने 4 रिटायर कर्मचारियों का किया जिक्र, नीतीश को लेकर BJP को भी दे दिया बड़ा संदेश

    Updated: Mon, 30 Sep 2024 11:42 AM (GMT+05:30)

    जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार और चुनावी विश्लेषक प्रशांत किशोर अगले साल बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर काफी एक्टिव हैं। इस बीच पीके ने कां ...और पढ़ें

    जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर। फोटो- जागरण
    जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर। फोटो- जागरण

    HighLights

    1. पीके का आरोप- सेवानिवृत्त चार अधिकारी चला रहे सरकार
    2. पीके ने कहा- राइट टू रिकॉल पर अमल करेगा जन सुराज

    राज्य ब्यूरो, पटना। जन सुराज को राजनीतिक दल की काया देने से पहले रविवार को प्रशांत किशोर (पीके) ने कई मुद्दों पर बेझिझक अपनी राय रखी। 2015 की तुलना में आज के नीतीश कुमार को बिल्कुल ही अलग बताते हुए उन्होंने बिहार की व्यवस्था के बेपटरी हो जाने का आरोप लगाया।

    उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त चार अधिकारी सरकार बनकर बिहार को चला रहे और मुख्यमंत्री का जनमत से कोई वास्ता नहीं। जन सुराज का संकल्प बिहार में सत्ता परिवर्तन का है।

    बिहार की बर्बादी में कांग्रेस और भाजपा का बराबर का योगदान है। लालू प्रसाद की गोद में बैठकर कांग्रेस जैसे बिहार में बर्बाद हो गई, वैसे ही नीतीश की चाह में भाजपा भी मिट जाएगी।

    जन सुराज का नेतृत्व योग्य से योग्यतम लोगों के हाथ में होगा- पीके

    पदयात्रा को अनवरत जारी रखने की प्रतिबद्धता के साथ प्रशांत किशोर ने दावा किया कि जन सुराज का नेतृत्व योग्य से योग्यतम लोगों के हाथ में होगा। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने स्पष्ट किया कि जन सुराज देश का पहला ऐसा दल होगा, जो अपने संविधान में राइट टु रिकॉल का प्रविधान कर रहा है।

    प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि ऐसा सत्ता के मद में पथभ्रष्ट होने की आशंका को निर्मूल करने के उद्देश्य से किया जा रहा। किसी भी मंडल के एक तिहाई संस्थापक सदस्य अगर जन-प्रतिनिधि के प्रति शिकायत करते हैं तो बहुमत लेकर उसे वापस बुला लिया जाएगा। प्रत्याशी बनाते समय जन सुराज इसके लिए बजाप्ता शपथ-पत्र लेगा।

    तेजस्वी यादव को पीके ने बताया अदूरदर्शी

    नीतीश कुमार को उन्होंने सत्ता के लिए समझौतावादी और तेजस्वी यादव को अदूरदर्शी बताया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को पहचान विहीन बताया और कांग्रेस किसी गिनती में ही नहीं।

    पीके के अनुसार, एकमात्र विकल्प जन सुराज है। सत्ता में आने के बाद जन सुराज शराबबंदी को समाप्त कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पलायन रोकने की योजनाओं पर आगे बढ़ेगा। इसी के साथ उन्होंने दावा किया कि विधानसभा का अगला चुनाव ट्रिपल एस (शराबबंदी, सर्वे, स्मार्ट मीटर) पर लड़ा जाएगा।

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