यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Prashant Kishor: क्यों हार गए उपचुनाव? प्रशांत किशोर ने राज से हटाया पर्दा, नीतीश कुमार का भी लिया नाम
Bihar By Election बिहार में उपचुनाव में करारी हार के बाद प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रशांत किशोर ने कहा कि इस उपचुनाव में नीतीश कुमार ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar Upchunav Result 2024: बिहार में उपचुनाव में करारी हार के बाद प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रशांत किशोर ने कहा कि इस उपचुनाव में नीतीश कुमार और भाजपा के प्रति लोगों ने भरोसा जताया है, इस बात को मैं मानता हूं। लेकिन इस हार से हमें हिम्मत मिली है। हमलोगों की पार्टी तो 2 महीने की भी नहीं हुई है लेकिन 70 हजार लोगों ने हमें वोट दिया है। इससे साफ लगता है कि हमलोग सही दिशा में जा रहे हैं। हमलोग कदम पीछे नहीं खींचने वाले हैं।
मीडिया ने जब प्रशांत किशोर से पूछा कि आप चारों सीटों पर हार गए तो इसपर प्रशांत किशोर ने कहा कि जनसुराज और जनसुराज अभियान दोनों को अलग तरह से देखिए। जनसुराज अभियान जो है उसे बिहार में और बिहार के घर में स्थापित करने में दो वर्षों का समय लगा है। जब हमारे अभियान की शुरुआत हुई थी तो लोगों ने कहा कि बिहार में इसकी तो कोई जगह ही नहीं है लेकिन फिर भी हमलोग जोर-शोर से आगे बढ़े।
2 महीने से कम की पार्टी को 10 फीसदी वोट मिले: प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं बता दूं कि भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी है जिसे 21 फीसदी वोट मिले हैं। वहीं, आरजेडी दूसरे नंबर की पार्टी है जिसे 20 फीसदी वोट मिले हैं, वहीं जेडीयू को 11 फीसदी वोट मिले हैं। वहीं हमारी पार्टी को 2 महीने भी नहीं हुए लेकिन हमें लगभग 10 फीसदी वोट मिले।
प्रशांत किशोर ने बताई हार की वजह
प्रशांत किशोर ने कहा कि हमारी पार्टी काफी कम दिनों की पार्टी है और हम उस क्षेत्र में चुनाव लड़े जहां हमारी पदयात्रा नहीं हुई। फिर भी जनता ने भरोसा जताया। प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं इस प्रदर्शन को अच्छा नहीं कह रहा हूं बल्कि इससे अच्छा प्रदर्शन किया जा सकता था।
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इस हार से हम हिम्मत हारने वाले नहीं हैं: प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा कि हम हिम्मत हारने वाले नहीं हैं। हमारे अभियान में 1 प्रतिशत भी कमी नहीं आने वाली है। हम बिहार में सुधार के लिए काम करते रहेंगे। बिहार के लोगों की समस्या को सुनते रहेंगे।