यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार प्रशासनिक सेवा के 20 अफसरों को मिलेगी IAS की कुर्सी, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना; देखें लिस्ट
बिहार प्रशासनिक सेवा के 20 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस की कुर्सी मिलेगी। इन अधिकारियों को आईएएस अधिकारी के रूप में प्रोन्नति दी गई ...और पढ़ें

HighLights
- बिहार प्रशासनिक सेवा के 20 अधिकारियों की बल्ले-बल्ले!
- केंद्र सरकार ने बिहार के 20 अफसरों को IAS में प्रमोशन दिया
- प्रोन्नति 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक की रिक्ति के आधार पर हुई
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार प्रशासनिक सेवा के 20 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में प्रोन्नति दी गई है। केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन मंत्रालय ने सोमवार को प्रोन्नत अधिकारियों की सूची जारी की।
प्रोन्नति पहली जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक की रिक्ति के आधार पर दी गई है।
इन अधिकारियों का हुआ प्रमोशन
जिन अधिकारियों को आईएएस में प्रोन्नति मिली है उनमें मृत्युंजय कुमार, डॉ. नंदलाल आर्य, सुजीत कुमार, रजनीश कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह, राकेश रंजन, संजय कुमार, शंभु शरण, राजेश कुमार सिंह, राजेश कुमार, सुनील कुमार, माधव कुमार सिंह, अहमद महमूद, विनायक मिश्रा, सुमन कुमार, कुमार मंगलम, वारिस खान, अखिलेश कुमार सिंह, राजेश भारती व अतुल कुमार वर्मा शामिल हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग व केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय की सूची के आधार पर इस बाबत अधिसूचना जारी करेगा और फिर इन अधिकारियों को नए सिरे से पदस्थापित किया जाएगा।
बिहार रेरा में सदस्य का पद रिक्त, होगी नियुक्ति
बिहार रेरा की सदस्य नुपूर बैनर्जी का कार्यकाल खत्म हो गया है। इस खाली पद को भरने के लिए नए सदस्य की नियुक्ति की जाएगी। इसको लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग ने वैकेंसी निकाली है।
राज्य या केंद्र सरकार में सचिव या समकक्ष स्तर के पदाधिकारी एवं नगर विकास एवं आवास क्षेत्र में कम से कम 15 साल का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। उनका कार्यकाल पांच साल या 65 वर्ष की आयु तक के लिए होगा।
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दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण संशोधन नियमावली पर मांगे गए आपत्ति-सुझाव
परिवहन विभाग ने बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण संशोधन नियमावली का प्रारूप जारी कर दिया है। इस प्रारूप पर आपत्ति-सुझाव मांगे गए हैं। विभाग के अनुसार, 15 दिनों तक यह प्रारूप वेबसाइट पर प्रकाशित रहेगा।