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    रेलवे कर्मचारियों के ड्यूटी पास हुए पूरी तरह डिजिटल, बिहार में अब नहीं जारी होंगे फिजिकल पास

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 07:17 PM (IST)

    रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों के ड्यूटी चेक पास को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है, जो अब केवल एचआरएमएस के माध्यम से जारी होंगे। यह नई व्यवस्था 15 जुलाई से ला ...और पढ़ें

    रेलवन ऐप से जुड़ा ड्यूटी पास मॉड्यूल

    रेलवन ऐप से जुड़ा ड्यूटी पास मॉड्यूल

    HighLights

    1. रेलवे ड्यूटी पास अब केवल एचआरएमएस के माध्यम से जारी होंगे।

    2. कर्मचारी रेलवन ऐप से भी अनारक्षित टिकट ऑनलाइन बुक कर सकेंगे।

    3. यह डिजिटल प्रणाली फर्जीवाड़े रोकेगी, पारदर्शिता बढ़ाएगी और खर्च घटाएगी।

    जागरण संवाददाता, पटना। रेलवे बोर्ड ने रेलवे कर्मचारियों के ड्यूटी चेक पास जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करने का फैसला किया है। अब सभी ड्यूटी पास केवल एचआरएमएस (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे। इसके बाद किसी भी कर्मचारी को भौतिक (फिजिकल) ड्यूटी चेक पास जारी नहीं किया जाएगा।


    रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी रेलवे जोन के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारियों (पीसीपीओ) को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। इस फैसले का उद्देश्य ड्यूटी पास व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनाना है।

    पायलट परियोजना के बाद लिया गया बड़ा फैसला

    रेलवे बोर्ड के अनुसार, नवंबर 2024 में एचआरएमएस के ड्यूटी पास मॉड्यूल को पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया गया था। इसके माध्यम से कर्मचारी ऑनलाइन ड्यूटी चेक पास प्राप्त कर टिकट बुक कर सकते थे।

    उस समय आवश्यक परिस्थितियों और महत्वपूर्ण परिचालन कार्यों में लगे कर्मचारियों के लिए फिजिकल ड्यूटी पास जारी रखने की अनुमति दी गई थी।

    अब इस प्रणाली के सफल संचालन के बाद इसे पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया गया है।

    रेलवन ऐप से जुड़ा ड्यूटी पास मॉड्यूल

    एचआरएमएस के ड्यूटी पास मॉड्यूल को अब रेलवन मोबाइल ऐप से भी जोड़ दिया गया है। इसके जरिए रेलवे कर्मचारी अनारक्षित टिकट भी ऑनलाइन बुक कर सकेंगे।

    रेलवे बोर्ड ने फैसला किया है कि 15 जुलाई से सभी नए ड्यूटी चेक पास केवल एचआरएमएस के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे।

    हालांकि, 15 जुलाई से पहले जारी किए गए सभी फिजिकल ड्यूटी चेक पास उनकी वैधता अवधि तक मान्य रहेंगे।

    रेलवे बोर्ड ने जारी किए निर्देश

    रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (पे कमीशन एवं एचआरएमएस) जया कुमार द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।

    आदेश के अनुसार, यह निर्णय सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति और रेलवे बोर्ड के वाणिज्य निदेशालय की सहमति के बाद लागू किया गया है।

    रेलवे प्रशासन का मानना है कि इससे ड्यूटी पास जारी करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

    कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत

    नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों को ड्यूटी पास बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

    वे एचआरएमएस और रेलवन ऐप के जरिए मोबाइल से ही ड्यूटी पास प्राप्त कर सकेंगे और अनारक्षित टिकट भी बुक कर पाएंगे।

    इससे कर्मचारियों का समय बचेगा और पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक होगी।

    फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, खर्च में भी होगी कमी

    डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद पास खोने, फटने या फर्जी पास के इस्तेमाल की संभावना समाप्त हो जाएगी। सभी पास का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से सत्यापन, निगरानी और ऑडिट प्रक्रिया आसान होगी।

    इसके साथ ही कागज की खपत और प्रशासनिक खर्च में कमी आएगी तथा रेलवे प्रशासन को रीयल-टाइम निगरानी की सुविधा भी मिलेगी। नई व्यवस्था को सुरक्षित, पारदर्शी और पर्यावरण अनुकूल कदम माना जा रहा है।

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