यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rajya Sabha Election Result 2024: राज्यसभा में बिहार से किन नेताओं ने जीता चुनाव, RJD का क्या हुआ? यहां पढ़ें सबकुछ
Bihar Politics बिहार के लिए राज्यसभा उपचुनाव का परिणाम सामने आ गया है। इस उपचुनाव में उपेंद्र कुशवाहा और मनन कुमार मिश्रा की निर्विरोध जीत हो गई है। य ...और पढ़ें

HighLights
- राज्यसभा में दोनों सीटों पर एनडीए की निर्विरोध जीत
- उपेंद्र कुशवाहा और मनन कुमार मिश्रा ने मार ली बाजी
राज्य ब्यूरो, पटना। Rajya Sabha Result Bihar 2024: राज्यसभा की रिक्त दो सीटों पर उपचुनाव के तहत राजग प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा और मनन कुमार मिश्र निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। इन दोनों के अतिरिक्त कोई तीसरा अभ्यर्थी नहीं होने के कारण मतदान की नौबत ही नहीं बनी।
नाम वापसी के आखिरी दिन मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खाते में दोनों सीटें पक्की हो गईं। इनमें से एक सीट राजद की मीसा भारती के त्यागपत्र के कारण रिक्त हुई थी। वे लोकसभा की सदस्य चुनी जा चुकी हैं।
भाजपा के विवेक ठाकुर के लोकसभा सदस्य चुने जाने के कारण दूसरी सीट पर उप चुनाव हुआ। इस तरह उच्च सदन में राजग ने राजद से एक सीट झटक ली है। राज्यसभा में राजद के सदस्यों की संख्या अब मात्र तीन रह गई है।
उपेंद्र कुशवाहा काराकाट सीट से लोकसभा चुनाव हार गए थे
बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा काराकाट लोकसभा सीट से चुनाव हार गए थे। उन्हें माले नेता राजाराम सिंह ने 105858 वोटों से हराया। वहीं, पवन सिंह दूसरे नंबर पर रहे थे। पवन सिंह दूसरे नंबर पर रहे थे। इस हार के बाद ही उपेंद्र कुशवाहा के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा था लेकिन एनडीए ने फिर भरोसा जताकर अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं मनन कुमार मिश्रा को बीजेपी ने मौका दे दिया।
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कौन हैं मनन कुमार मिश्रा?
राज्य सभा उपचुनाव में मनन कुमार मिश्रा को टिकट देकर भाजपा ने बड़ा दांव खेल दिया था। मनन कुमार मिश्रा देश के जाने-माने चर्चित चेहरे हैं। टैलेंट के मामले में वे कई नेताओं को मात देते हैं। न्यायपालिका के क्षेत्र में उनकी शानदार उपलब्धि है। बता दें कि राज्यसभा की एक सीट पर पहले ही NDA की तरफ से उपेंद्र कुशवाहा के नाम की घोषणा की जा चुकी है।
मनन कुमार मिश्रा (Manan Kumar Mishra) मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड के तिवारी खरेया गांव के मूल निवासी हैं।उनकी प्रारंभिक पढ़ाई गोपालगंज जिले में ही हुई है। वे पहली बार अप्रैल 2012 में बीसीआई के चेयरमैन निर्वाचित हुए और इसके बाद जीत का सिलसिला अब तक जारी है।