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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नीतीश को PM मोदी से मिलने की सलाह देने वाले रणवीर नंदन जदयू से बाहर, उपेंद्र कुशवाह बोले थे- अब मचेगी भगदड़

    By Arun AsheshEdited By: Deepti Mishra
    Updated: Wed, 27 Sep 2023 09:26 PM (IST)

    Ranveer Nandan Resignation from JDU बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की सलाह देने वाले पूर्व विधान परिषद सदस्य प ...और पढ़ें

    पूर्व विधान परिषद सदस्य प्रोफेसर रणवीर नंदन बुधवार को जदयू से बाहर कर दिए गए। फाइल फोटो
    पूर्व विधान परिषद सदस्य प्रोफेसर रणवीर नंदन बुधवार को जदयू से बाहर कर दिए गए। फाइल फोटो

    राज्य ब्यूरो, पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की सलाह देने वाले पूर्व विधान परिषद सदस्य प्रोफेसर रणवीर नंदन बुधवार को जदयू से बाहर हो गए।

    रणवीर नंदन ने कहा कि उन्होंने त्याग पत्र दिया है। वहीं जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि उन्हें निष्कासित कर दिया गया है। आरोप लगाया कि रणवीर नंदन लगातार पार्टी विरोधी बयान दे रहे हैं। दल की गतिविधियों में सक्रिय नहीं हैं। उन्हें तत्काल प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से मुक्त करते हुए छह वर्षों के लिए पार्टी से निकाल दिया गया।

    रणवीर नंदन ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह को अपना त्यागपत्र दिया, ''मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं।''

    भाजपा से जदयू में आए रणवीर नंदन एक दौर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के काफी करीब थे। उन्हें प्रदेश महासचिव के अलावा प्रवक्ता और छात्र संगठन के प्रभारी का पद दिया गया था।

    इस्तीफा देने की नहीं बताई वजह

    ललन सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही रणवीर नंदन की दलीय सक्रियता कम हो गई थी। भाजपा से जदयू के अलगाव के साथ ही पार्टी से उनकी दूरी बढ़ रही थी। हालांकि, उन्होंने प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र का कोई कारण नहीं बताया। अपने अगले कदम के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी।

    'डूबती नैया से वैतरणी पार नहीं होती'

    राष्ट्रीय लोक जनता दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने चुटकी ली है- ''बहुत पहले ही हमने कह दिया था कि राजद-जदयू डील के साथ ही नीतीश कुमार की पार्टी निपट चुकी है। डूबती नैया पर सवार होकर कोई भी व्यक्ति चुनाव की वैतरणी पार नहीं कर सकता है, इसलिए नीतीश सहित उनकी पार्टी के अन्य नेता इधर-उधर संपर्क में हैं।''