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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बीमारी से डर नहीं लगता डॉक्टर साहब, चूहों से लगता है

By Ravi RanjanEdited By:
Updated: Sat, 01 Apr 2017 10:15 PM (IST)

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच के मरीज बीमारी से ज्यादा चूहों से परेशान हैं। प्रशासनिक भवन से लेकर हर वार्ड में चूहे दौड़ते दिखते हैं।

बीमारी से डर नहीं लगता डॉक्टर साहब, चूहों से लगता है
बीमारी से डर नहीं लगता डॉक्टर साहब, चूहों से लगता है

पटना [जेएनएन]। सूबे के सबसे बड़े अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) के डॉक्टरों और मरीजों को बीमारी से ज्यादा चूहों से डर लग रहा है। बीमारी का इलाज तो फिर भी डॉक्टर साहब कर देंगे मगर चूहों ने एक बार सामान बर्बाद कर दिया तो फिर उसका उपाय नहीं है।

स्थिति ये हो गई है कि अब पीएमसीएच प्रशासन चूहे से निबटने के लिए निजी एजेंसी की मदद लेने जा रहा है।अस्पताल के प्रशासनिक भवन से लेकर मरीजों के वार्ड तक सभी जगह चूहे दौड़ते दिखाई पड़ जाएंगे। दिन-रात का भी कोई असर नहीं है। मरीजों के झोले एवं दवाएं भी चूहे कुतर दे रहे हैं। 

छपरा से आए मरीज रामाशीष सिंह ने बताया कि रात में बेड के पास दवा रखी थी। सुबह नींद खुली तो बेड के पास दवा नहीं थी। काफी खोजबीन की तो नाली के पास दवा मिली। दसे चूहों ने बर्बाद कर दिया था। पीएमसीएच इमरजेंसी में भी चूहों का आतंक कायम है। 

चूहों ने काट दी एसी की तार
कुछ दिन पहले पीएमसीएच के अधीक्षक कार्यालय में आग लग गई थी। उपाधीक्षक डॉ.रंजीत कुमार जैमयार एवं प्रबंधक आलोक कुमार के कार्यालय को इससे काफी नुकसान पहुंचा था। जांच-पड़ताल की गई तो मालूम चला कि चूहों ने कार्यालय में लगी एसी की तार काट दी थी जिसके कारण शॉर्ट-सर्किट हुआ और आग लगी।

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वार्डों की स्थिति भी दयनीय
पीएमसीएच के वार्डों की स्थिति भी काफी दयनीय है। टाटा वार्ड हो या हथुआ वार्ड, हर जगह आपको चूहे दौड़ते मिल जाएंगे। पीएमसीएच के मशीनों के अलावा चादर, ग्लबस, स्लाइन की बोतल आदि को भी चूहे काटकर बर्बाद कर चुके हैं।

पीएमसीएच में चूहों से काफी परेशानी हो रही है। पिछले दिनों चूहों द्वारा तार काटने से प्रशासनिक भवन में आग लगी थी। चूहा मारने का काम एक निजी एजेंसी को सौंपने का निर्णय लिया गया है, जल्द ही अस्पताल में चूहा मारने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ.लखींद्र प्रसाद, अधीक्षक, पीएमसीएच

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