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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'चुनाव आयोग गलत अर्थ क्यों निकाल रहा' राजद सांसद ने ईवीएम के इस्तेमाल से जुड़े अनुच्छेद 324 को लेकर उठाया सवाल

    By Yogesh SahuEdited By: Yogesh Sahu
    Updated: Sat, 23 Sep 2023 02:11 PM (IST)

    बिहार से राजद सांसद मनोज झा ने ईवीएम के चुनावों में इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते हुए प्रतिक्रिया दी है। सुप्रीम कोर्ट के ईवीएम के सॉफ्टवेयर का ऑडिट करा ...और पढ़ें

    'चुनाव आयोग गलत अर्थ क्यों निकाल रहा' राजद सांसद ने ईवीएम के इस्तेमाल से जुड़े अनुच्छेद 324 पर उठाया सवाल
    'चुनाव आयोग गलत अर्थ क्यों निकाल रहा' राजद सांसद ने ईवीएम के इस्तेमाल से जुड़े अनुच्छेद 324 पर उठाया सवाल

    HighLights

    1. मनोज झा बोले- ईवीएम को लेकर कुछ वास्तविक सवाल हैं
    2. चुनाव आयोग सवालों को नकारने में अब तक सफल नहीं हो सका

    जागरण डिजिटल डेस्क/एजेंसी, पटना/नई दिल्ली। देश में लोकसभा के चुनाव नजदीक आने के साथ ही ईवीएम (EVM) और बैलेट पेपर के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ती नजर आ रही है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) शुक्रवार को ही ईवीएम के सॉफ्टवेयर के ऑडिट की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार किया है। अब इस मामले पर राजद सांसद मनोज झा (RJD MP Manoj Jha) ने प्रतिक्रिया दी है।

    राजद सांसद मनोज झा (RJD MP Manoj Jha) ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। ईवीएम को लेकर कुछ वास्तविक सवाल हैं और चुनाव आयोग उन सवालों को नकारने में अब तक सफल नहीं हो सका है... हमने कहा कि हमें मशीन छूने की इजाजत दीजिए, लेकिन हमें इजाजत नहीं मिली... किसी भी लोकतंत्र में उपकरण महत्वपूर्ण नहीं है, परिणाम महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने कहा कि कई बड़े देश ईवीएम (EVM) मशीनों के इस्तेमाल के बाद दोबारा मतपत्र की ओर लौट आए हैं... हमारा चुनाव आयोग (Election Commission) अनुच्छेद 324 का गलत अर्थ क्यों निकाल रहा है। यह उपकरण के पक्ष में नहीं है, यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के पक्ष में है।

    क्या है अनुच्छेद 324

    संविधान के अनुच्छेद 324 (Article 324) में निर्वाचन आयोग (Election Commission) को चुनाव कराने से जुड़ी शक्तियां प्रदान की गई हैं। यह अनुच्छेद आयोग को निर्वाचक नामावली के रख-रखाव और स्वंतत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन कराने जैसे कार्यों की शक्ति प्रदान करता है। इस संबंध में और विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें।

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    बता दें कि महिला आरक्षण (Women Reservation Bill) के मुद्दे पर राज्यसभा (Rajya Sabha) में हुई बहस के दौरान बोलते हुए राजद सांसद मनोज झा (Manoj Jha) ने एक कविता सुनाई थी।

    यह कविता काफी वायरल हो रही है। अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने एससी-एसटी और ओबीसी श्रेणी की महिलाओं को भी आरक्षण देने की मांग की थी।

    इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी से संसद पहुंचने वाली भगवतिया देवी और फूलन देवी का भी उदाहरण दिया था।

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