यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: 'नीतीश कुमार तुरंत वापस लें समर्थन', मोदी 3.0 के बजट पर भड़कीं रोहिणी; बिहार CM को दी नसीहत
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारण संसद में आम बजट पेश कर रहीं। वित्त मंत्री ने बजट में बिहार के लिए कई अहम योजनाओं का एलान किया है। वित्त मंत्री ने ...और पढ़ें

एएनआई, पटना। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारण आज संसद में आम बजट पेश कर रही हैं। वित्त मंत्री ने बजट में बिहार के लिए कई बड़े तोहफों का एलान किया है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि बिहार में नए मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। राज्य में 26000 करोड़ से सड़कों का जाल बिछाया जाएगा।
रोहिणी का रिएक्शन आया सामने
इस बीच, राजद नेता और लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का रिएक्शन सामने आया है। रोहिणी आचार्य ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर पोस्ट शेयर केंद्र सरकार और नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला है।
बिहार को मांगो को मोदी सरकार ने किया खारिज
बिहार के लिए विशेष दर्जे की मांग का जिक्र करते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि बिहार की वाजिब और बहुप्रतिक्षित मांग को बिहार के प्रति दुर्भाव रखने वाली मोदी सरकार ने खारिज कर दिया है।
बिहारियों के डीएनए पर सवाल उठाने वालों...
भाजपा पर हमला बोलते हुए रोहिणी ने लिखा, "बिहारियों के डीएनए पर सवाल उठाने वालों, खुले मंच से बिहार की बोली लगाने वालों के इस निर्णय का अंदेशा तो था, लेकिन एक उम्मीद भी थी कि जिन बैसाखियों के दम पर केंद्र की सरकार टिकी है , उनकी मांग के मद्देनजर, दबाब में ही सही इस बार बिहार के साथ न्याय होगा , मगर हुआ वही जिसका अंदेशा था। बिहार के हित की अनदेखी करते हुए मांग सिरे से खारिज कर दी गयी।"
बिहार के बैशाखियों के निर्णय लेने की बारी
नीतीश कुमार को नसीहत देते हुए रोहिणी आचार्य ने लिखा, "अगर बिहार के हितों के प्रति तनिक भी नैतिक जिम्मेदारी है, तो अब निर्णय लेने की बारी एनडीए गठबंधन की सरकार में शामिल बिहार के बैसाखियों (नीतीश कुमार) की है।
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तत्काल अपना समर्थन वापस लें नीतीश कुमार
रोहिणी ने कहा कि नीतीश कुमार या तो ठगुआ गठबंधन का हिस्सा बने रहकर बिहार के साथ वादाखिलाफी करने वाली सरकार को अपना समर्थन देना जारी रखकर एक दफा फिर से खुद को कुर्सी की राजनीति तक ही सीमित होना साबित करें, या फिर तत्काल अपना समर्थन वापस लेने के निर्णय के साथ बिहार व बिहार के हितों के प्रति अपनी निष्ठा साबित करें।