खान सर कोचिंग विवाद में घिरे रौशन आनंद: 4 छात्रों से शुरू किया था पढ़ाना, आज पूरे बिहार में पहचान
ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद को खान सर कोचिंग विवाद में गिरफ्तार किया गया है। पटना पुलिस ने खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुई घटना के बाद उन् ...और पढ़ें

खान सर और रौशन आनंद
HighLights
रौशन आनंद खान सर कोचिंग विवाद में गिरफ्तार।
ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर हैं रौशन आनंद।
पटना पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद शिक्षा जगत में हलचल मच गई है।
कभी महज चार छात्रों से कोचिंग की शुरुआत करने वाले रौशन आनंद आज हजारों प्रतियोगी छात्रों के बीच एक पहचान रखते हैं।
लेकिन खान सर की कोचिंग पर हुए हमले के मामले में नाम आने के बाद वे अचानक सुर्खियों के केंद्र में आ गए हैं।
कोचिंग विवाद से गरमाया पटना का शैक्षणिक माहौल
मंगलवार देर रात खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुए हंगामे, तोड़फोड़ और मारपीट के बाद पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए, जिससे इलाके में घंटों अफरातफरी और जाम की स्थिति बनी रही।
सहरसा के गांव से शुरू हुआ संघर्ष का सफर
रौशन आनंद का जन्म सहरसा जिले के धमसेना गांव में एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की।
परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन आगे बढ़ने का सपना बड़ा था।
कम उम्र से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रौशन आनंद ने अपने भविष्य को बदलने का फैसला किया और किशोरावस्था में ही गांव छोड़कर पटना पहुंच गए।
15 साल की उम्र में छोड़ा घर, इंजीनियर बनने का था सपना
करीब 15 वर्ष की उम्र में वे इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए पटना आए। बाद में कोटा जाकर भी पढ़ाई की और AIEEE परीक्षा में सफलता हासिल कर BIT मेसरा में दाखिला लिया।
हालांकि आर्थिक चुनौतियों और परिस्थितियों के कारण उनका इंजीनियर बनने का सपना अधूरा रह गया। पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
BPSC और बिहार पुलिस की तैयारी, फिर भी नहीं मिली मंजिल
इंजीनियरिंग छोड़ने के बाद उन्होंने बिहार पुलिस, BPSC और UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। बिहार पुलिस की लिखित परीक्षा पास की, लेकिन फिजिकल टेस्ट में सफल नहीं हो सके।
BPSC में इंटरव्यू तक पहुंचे, मगर अंतिम चयन नहीं हुआ। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ा।
जब फीस की जगह खाना लेकर पढ़ाते थे छात्र
तैयारी के दिनों में आर्थिक तंगी इतनी थी कि कई बार वे छात्रों को पढ़ाने के बदले फीस की जगह खाना स्वीकार कर लेते थे।
इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि पढ़ाना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
धीरे-धीरे उन्होंने प्रतियोगी छात्रों को पढ़ाना शुरू किया और अपनी अलग पहचान बनाई। उनके पढ़ाने के अंदाज को छात्रों ने पसंद करना शुरू कर दिया।
चार छात्रों से शुरू हुई ज्ञान बिंदु अकादमी
एक सितंबर 2017 को रौशन आनंद ने ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी की स्थापना की। शुरुआत में उनके पास सिर्फ चार छात्र थे, लेकिन समय के साथ संस्थान का दायरा बढ़ता गया।
आज ज्ञान बिंदु बिहार पुलिस, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले चर्चित संस्थानों में गिना जाता है।
अब जांच के घेरे में, पुलिस कर रही पड़ताल
शिक्षा के क्षेत्र में संघर्ष और सफलता की कहानी लिखने वाले रौशन आनंद अब एक बड़े विवाद के कारण चर्चा में हैं।
पुलिस ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
फिलहाल यह मामला सिर्फ दो कोचिंग संस्थानों के विवाद का नहीं, बल्कि पटना के कोचिंग जगत में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और वर्चस्व की लड़ाई का प्रतीक बनकर सामने आया है।
आने वाले दिनों में जांच की दिशा तय करेगी कि इस विवाद की असली कहानी क्या है।
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