यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Sand Mining: 18 जिलों के 500 बालू घाटों से जल्द शुरू होगा खनन, 337 नए क्लस्टर नीलाम होंगे
विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह के निर्देश पर पटना मगध मुंगेर और भागलपुर प्रमंडल में 13 मई से 19 मई के बीच विशेष छापामारी अभियान चलाया गया। छ ...और पढ़ें

HighLights
- सबसे अधिक भोजपुर जिले में 28 घाट से खनन हो रहा है।
- अधिकांश लाल बालू वाले घाट पटना, मुंगेर मगध, और भागलपुर प्रमंडल में पड़ते हैं।
- गया के ब्लॉक 39 में उत्पादन बंद होने के बाद भी खनन हो रहा था।
राज्य ब्यूरो, पटना। Sand Mining In Bihar प्रदेश के 18 जिलों के करीब पांच सौ आठ नदी घाटों से बालू का खान जल्द शुरू होगा। तीव्र गति से इस कार्य को करने के लिए प्रक्रियागत औपचारिकताएं तेज कर दी गई है। इसके तहत करीब 337 नए क्लस्टरों की नीलामी होगी।
अभी इन 18 जिलों के 118 घाटों से बालू का खनन हो रहा है। सबसे अधिक भोजपुर जिले में 28 घाट से खनन हो रहा है। जबकि पटना में 17 घाट, गया और जमुई में 14-14, रोहतास में 10 बालू घाटों से खनन हो रहा है।
पटना में 17 बालू घाटों से हो रहा खनन
विभाग के अनुसार, अधिकांश लाल बालू वाले घाट पटना, मुंगेर मगध, और भागलपुर प्रमंडल में पड़ते हैं। इन चारों प्रमंडल के 18 जिलों में बालू घाट के कुल 626 क्लस्टर हैं। पटना में सबसे अधिक 172 कलस्टर हैं जिनमें 22 की नीलामी हुई है और 17 घाटों से बालू खनन हो रहा है।
पिछली विभागीय समीक्षा बैठक में सभी खनिज विकास पदाधिकारियों को स्थानीय जिलाधिकारी से समन्वय कर बालू का खनन प्रक्रिया में तेजी लाने की कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। इस प्रक्रिया के साथ विभाग ने अवैध बालू खनन के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है।
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विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह के निर्देश पर पटना, मगध, मुंगेर और भागलपुर प्रमंडल में 13 मई से 19 मई के बीच विशेष छापामारी अभियान चलाया गया। छापामारी के दौरान रोहतास में पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त घाट पर निर्धारित से ज्यादा गहराई तक खनन पाए जाने पर छह लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया। नवादा में एक ट्रैक्टर जब्त किया गया। आठ के विरूद्ध प्राथमिकी की गई।
इसी प्रकार गया के ब्लॉक 39 में उत्पादन बंद होने के बाद भी खनन हो रहा था। जिसके बाद यहां से एक पोकलेन एक हाइवा जब्त किया गया। मोरहर में बंदोबस्तधारी पर्यावरण स्वीकृत क्षेत्र से बाहर खनन करते पाए गए। इन पर 5.11 लाख का जुर्माना लगाया गया। लखीसराय में भी करीब छह लाख का जुर्माना लगाया गया है।