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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar: जाति गणना रिपोर्ट पर संजय जायसवाल का मुस्लिम राग, कहा- मुसलमानों को पिछड़ा..., हिंदुओं के साथ अन्याय

    By Edited By: Mohit Tripathi
    Updated: Tue, 03 Oct 2023 12:41 AM (IST)

    Caste Census Report बिहार सरकार ने सोमवार को जाति आधारित गणना रिपोर्ट जारी कर दिया। रिपोर्ट जारी होने के साथ ही इसके समर्थन और विरोध में सियासी बयान भ ...और पढ़ें

    जायसवाल का दावा- 96 प्रतिशत अल्पसंख्यक को दिया गया है आरक्षण। (फाइल फोटो)
    जायसवाल का दावा- 96 प्रतिशत अल्पसंख्यक को दिया गया है आरक्षण। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. मुसलमानों को पिछड़ा, अति पिछड़ा का दर्जा देना हिंदू समाज के साथ अन्याय : संजय जायसवाल।
    2. जायसवाल का दावा- 96 प्रतिशत अल्पसंख्यक को दिया गया है आरक्षण।

    राज्य ब्यूरो, पटना। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल का कहना है कि अल्पसंख्यक समाज यानी मुसलमानों को पिछड़ा और अति पिछड़ा का दर्जा देकर हिंदू समाज के इस वर्ग के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद अन्याय कर रहे हैं।

    जायसवाल ने दावा किया कि बाबा साहब आंबेडकर ने कहा था कि धर्म आधारित आरक्षण नहीं हो सकता, लेकिन जाति आधारित जनगणना पर गौर करें तो 96 प्रतिशत अल्पसंख्यकों को पिछड़े और अति पिछड़े का दर्जा देकर हिंदू समाज के वंचित वर्गों के साथ अन्याय हो रहा है।

    जायसवाल का दावा- 96 प्रतिशत अल्पसंख्यक को...

    उन्होंने कहा कि आज बिहार में सिर्फ कहने के लिए अल्पसंख्यकों के लिए अलग से आरक्षण नहीं है। वास्तविकता यह है कि 96 प्रतिशत अल्पसंख्यक समाज को आरक्षण दे दिया गया है।

    उन्होंने आगे कहा कि मंडल आयोग ने बहुत ही साफ शब्दों में लिखा था कि हिंदू समाज से जो जातियां मुस्लिम बनी हैं, वही पिछड़ा या अति पिछड़ा का दर्जा पाएंगी।

    कहा- ...विदेश से आईं ये जातियां

    जायसवाल ने कहा कि शेखौरा, कुलहड़िया, शेरशाहवादी, ठाकुरई जैसी अनेक जातियां जो या तो विदेश से आई हैं या फिर अगड़े समाज से धर्म परिवर्तित हुई हैं। उन सभी को अति पिछड़ा का दर्जा देकर संपूर्ण हिंदू पिछड़ा समाज के साथ हकमारी की गई है।

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    ट्रांसजेंडर की संख्या में बड़ी गिरावट 

    जाति आधारित गणना की रिपोर्ट में ट्रांसजेंडरों की संख्या 825 बताई गई है। वहीं, 2011 की जनगणना में राज्य में इनकी आबादी 40 हजार से अधिक थी।

    ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट रेशमा प्रसाद ने कहा कि एक हजार से अधिक तो सिर्फ पटना में रहते हैं। किसी भी स्थिति में इतनी बड़ी गिरावट संभव प्रतीत नहीं होती है।

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