यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: 'विशेष राज्य का दर्जा देने में कोई समस्या है तो फिर हमें...', संजय झा ने केंद्र से कर दी ये डिमांड
Sanjay Jha on Bihar Special Status विशेष राज्य के दर्जे को लेकर बिहार में एक बार फिर से सियासी पारा हाई हो गया है। विपक्ष जहां इस मुद्दे को लेकर नीतीश ...और पढ़ें

HighLights
- संजय झा ने बिहार को विशेष राज्य के दर्जे देने की डिमांड पर दिया बयान
- संजय झा ने इस मामले पर नीतीश कुमार की रैली का भी किया जिक्र
- वहीं इस मामले पर अन्य सहयोग दल भी आवाज उठा रहे हैं।
डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar Political News Today: बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने को लेकर एक बार फिर से सियासत तेज हो गई है। इस मामले पर विपक्ष के साथ-साथ एनडीए के सहयोगी दल भी खुलकर सामने आ गए हैं। इसी क्रम में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा (Sanjay Jha) ने केंद्र सरकार के सामने अपनी अलग तरह की डिमांड रख दी है।
संजय झा ने केंद्र के सामने रखी ये डिमांड
संजय झा ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के मामले को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। संजय झा ने कहा है कि हमलोगों ने केंद्र सरकार के सामने विशेष राज्य के दर्जे की डिमांड रखी है। यदि, इसमें कोई समस्या आती है तो फिर हमलोगों को विशेष पैकेज दिया जाए।
हमलोग शुरू से विशेष राज्य के दर्जे को लेकर आवाज उठा रहे हैं: संजय झा
संजय झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो केंद्र सरकार के सामने इस मामले को पूरी ताकत से उठाया है और इसपर काम भी सकारात्मक दिशा में चल रहा है। संजय झा ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की बात हमलोग शुरू से करते आए हैं और करते रहेंगे।
नीतीश कुमार ने दिल्ली और पटना में इतनी बड़ी रैली की
नीतीश कुमार ने इसके लिए पटना और दिल्ली में इतनी बड़ी रैली की। हमलोग इस मांग से कभी पीछे हटने वाले नहीं हैं। संजय झा ने कहा कि बिहार अपने संसाधन के दम पर यहां तक पहुंच गया लेकिन विकसित राज्य बनाने के लिए हमें विशेष राज्य के दर्जे की जरूरत है।
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संजय झा ने कहा कि हाल में ही 29 जून को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी हमलोगों ने इस मामले को रखा और आगे भी रखते आएंगे। उन्होंने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा क्या है? इनमें दो मुद्दे प्रमुख हैं। पहला ये कि कोई यहां उद्योग लगे तो उसपर टैक्स में छूट मिले। दूसरा यह कि जो केंद्र प्रायोजित योजनाएं हैं उनमें 90 और 10 का अनुपात हो, अभी 60 और 40 का हो रहा है।