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बिहार का सत्तू-मखाना पहुंचेगा ग्लोबल मंच पर, BRICS सम्मेलन में विदेशी मेहमानों को मिलेगा खास तोहफा, CM सम्राट गदगद

Published: Fri, 11 Sep 2026 01:08 PM (IST)

BRICS सम्मेलन में विदेशी मेहमानों को बिहार के खास जायके, सत्तू और मखाना का स्वाद मिलेगा, जिन्हें वेलकम किट में ...और पढ़ें

व‍िदेशी मेहमानों के ल‍िए सत्‍तू और मखाना भी। सांकेत‍िक तस्‍वीर

व‍िदेशी मेहमानों के ल‍िए सत्‍तू और मखाना भी। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. BRICS वेलकम किट में बिहार के सत्तू-मखाना शामिल।

  2. सीएम सम्राट चौधरी ने इसे बिहार का गौरव बताया।

  3. 'लोकल टू ग्लोबल' संकल्प को वैश्विक मंच पर मिली मजबूती।

राज्य ब्यूरो, पटना। BRICS सम्मेलन में विदेशी मेहमानों को भारत की विविधता के साथ बिहार के खास जायके का स्वाद भी चखने को मिलेगा।

दिल्ली में होने वाले BRICS Summit की वेलकम किट में बिहार के सत्तू और मखाना को शामिल किया गया है। बिहार के इन दोनों उत्पादों के वैश्विक मंच पर पहुंचने से सीएम सम्राट चौधरी गदगद हैं। 

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताते हुए इसे बिहार के लिए गौरव का क्षण बताया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि 'नए बिहार की नई पहचान,बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने।'

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली BRICS Summit की वेलकम किट में शामिल सत्तू और मखाना बिहार के स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लोकल टू ग्‍लोबल (Local to Global) के संकल्प को इससे मजबूती मिली है।

एक ही मेज पर दिखेगी भारत की स्वाद विविधता

BRICS सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों को भारतीय खानपान की विविधता से रूबरू कराने की तैयारी की गई है। मेन्यू में देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक और लोकप्रिय व्यंजनों को शामिल किया गया है।

एक ही मेज पर रागी का डोसा, बाजरे का उपमा, कश्मीरी पुलाव, हैदराबादी बिरयानी और लखनवी कबाब जैसे व्यंजन नजर आएंगे।

इसके साथ ही बाजरा उपमा, अवधी कबाब, हैदराबादी बिरयानी और किनुआ बिरयानी जैसे व्यंजन भी मेहमानों को परोसे जाने की जानकारी सामने आई है।

इस तरह BRICS सम्मेलन के जरिए विदेशी मेहमानों को एक ही जगह पर भारत के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के स्वाद का अनुभव मिलेगा।

सत्तू-मखाना बने बिहार की पहचान

वेलकम किट में सत्तू और मखाना को जगह मिलना ब‍िहार के लिए खास महत्व रखता है। सत्तू लंबे समय से बिहार के पारंपरिक खानपान का हिस्सा रहा है, जबकि मखाना अब देश-दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

खासकर मिथिलांचल का मखाना बिहार की कृषि और स्थानीय उद्यमिता की महत्वपूर्ण पहचान बन चुका है। इसके बढ़ते बाजार के बीच अंतरराष्ट्रीय मेहमानों तक बिहार के इस उत्पाद की पहुंच राज्य के लिए नए अवसरों का संकेत भी मानी जा रही है।

'लोकल टू ग्लोबल' की दिखी तस्वीर

BRICS जैसे वैश्विक मंच पर बिहार के सत्तू और मखाना की मौजूदगी को ‘लोकल टू ग्लोबल’ की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिशों के बीच बिहार के पारंपरिक स्वाद को दुनिया के प्रभावशाली प्रतिनिधियों तक पहुंचाने का यह मौका अहम है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इसी संदर्भ में इसे बिहार की नई पहचान से जोड़ा है। अब BRICS सम्मेलन में दुनिया के अलग-अलग देशों से आने वाले मेहमान जब भारतीय व्यंजनों का स्वाद चखेंगे, तो उनकी मेज पर बिहार का सत्तू और मखाना भी अपनी खास मौजूदगी दर्ज कराएगा।