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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar: KK Pathak को शिक्षा विभाग से करें विदा, नहीं तो होती रहेगी फजीहत, सुशील मोदी की नीतीश सरकार को नसीहत

    By Raman ShuklaEdited By: Mohit Tripathi
    Updated: Thu, 07 Sep 2023 12:21 AM (GMT+05:30)

    भाजपा नेता और राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने कहा कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को हटाने में राज्य सरकार जितनी देर करेगी उसकी उतनी फजीहत हो ...और पढ़ें

    मंत्री व राजभवन से टकराव हिंदू त्योहारों की छुट्टी-कटौती के मुद्दे गंभीर: सुशील मोदी।
    मंत्री व राजभवन से टकराव हिंदू त्योहारों की छुट्टी-कटौती के मुद्दे गंभीर: सुशील मोदी।

    HighLights

    1. मंत्री व राजभवन से टकराव हिंदू त्योहारों की छुट्टी-कटौती के मुद्दे गंभीर: सुशील मोदी।
    2. पाठक को हटाने में राज्य सरकार जितनी देर करेगी, उसकी उतनी फजीहत होगी: सुशील मोदी।

    राज्य ब्यूरो, पटना: राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने कहा कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को हटाने में राज्य सरकार जितनी देर करेगी, उसकी उतनी फजीहत होगी। शिक्षा में सुधार के राजभवन के प्रयास में उतनी ही बाधाएं आती रहेंगी। पाठक जब से शिक्षा विभाग में हैं, तब से विभाग किसी न किसी विवाद में है।

    उन्होंने कहा कि पाठक पहले शिक्षा मंत्री से टकराए, जिसके कारण मंत्री 22 दिन तक कार्यालय नहीं आए। फिर चार वर्ष के डिग्री कोर्स का विरोध कर शिक्षा विभाग राजभवन से भिड़ गया।

    सज्ञान लें मुख्यमंत्री: सुशील मोदी

    कुलपति-प्रति कुलपति का वेतन रोक देना, छह कुलपतियों की नियुक्ति के लिए राजभवन के विज्ञापन के दो सप्ताह बाद शिक्षा विभाग से भी विज्ञापन जारी करना, रक्षाबंधन सहित कई हिंदू त्योहारों की छुट्टी समाप्त करना और कुलाधिपति-सह-राज्यपाल के अधिकार को चुनौती देने जैसी हरकतों पर मुख्यमंत्री को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

    सुशील मोदी बोले, केके पाठक को हटाना जरूरी

    उन्होंने कहा कि अब यदि सरकार की मंशा शिक्षा मंत्री और राजभवन को काम न करने देने की ही हो, तब तो शिक्षा विभाग में किसी बदलाव की आशा करना व्यर्थ है। कुलपति का वेतन रोकने से लेकर स्कूलों में छुट्टियां रद्द करने तक केके पाठक के कई विवादास्पद आदेश सरकार को अंतत: वापस लेने पड़े। 2010 में उन्हें शिक्षा विभाग से हटना पड़ा था।

    शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई नहीं होने दी जाएगी प्रभावित: KK पाठक

    राज्य ब्यूरो, पटना: राज्य के सरकारी विद्यालयों को एकेडमिक सपोर्ट मिलेंगे। विद्यालयों को एकेडमिक सपोर्ट देने की योजना शिक्षा विभाग ने बनायी है।

    इसके लिए स्कूलों की एकेडमिक आवश्यकताओं का आकलन किया जा रहा है। इसकी समीक्षा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक गुरुवार को करेंगे।

    विद्यालयों को मिलेगा एकेडमिक सपोर्ट

    इसके लिए सभी जिलों द्वारा उपलब्ध कराए गए विषयवार आवश्यक शिक्षक एवं उपलब्ध कराए गये शिक्षक से संबंधित प्रतिवेदन बुधवार को गूगल शीट पर लिए गए हैं।

    केके पाठक ने सभी जिलों को दिशा-निर्देश दिया है कि शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढाई प्रभावित नहीं हो, इसका ध्यान रखें। इसे लेकर शिक्षा विभाग विद्यालयों को एकेडमिक सपोर्ट करेगा।

    जिलेवार बनेगी आकलन रिपोर्ट

    इसी संदर्भ में स्कूलों में विषयवार कितने शिक्षकों की जरूरत है, इसकी संख्या शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से मांगी है। शिक्षा विभाग जिलों की रिपोर्ट पर आकलन करेगा कि उपलब्ध शिक्षकों की कितनी संख्या है और कितनों की जरूरत है।

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    अतिथि शिक्षकों की सेवा लेने का निर्देश

    मालूम हो कि खासकर प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक में विज्ञान, गणित और अंग्रेजी के शिक्षकों की कमी को देखते हुए अतिथि शिक्षकों की सेवा लेने का निर्देश प्रधानाध्यापकों को दिया गया है। नियमित नियुक्ति होने तक इस तरह की सेवा ली जानी है। इसी संबंध में आगे लिए जाने वाले निर्णय को लेकर उक्त रिपोर्ट जिलों से मांगी गई है।