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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीके अनिल को अब नामजद अभियुक्त बना सकती है एसआइटी

By Ravi RanjanEdited By:
Updated: Sat, 01 Apr 2017 10:11 PM (IST)

बीएसएससी पेपर लीक मामले में आनंद बरार से पूछताछ के बाद एसआइटी फरार चल रहे आइएस अधिकारी सीके अनिल को नामजद अभियुक्त बना सकती है। दिल्ली व महाराष्ट्र में अनिल की तलाश की जा रही है।

सीके अनिल को अब नामजद अभियुक्त बना सकती है एसआइटी
सीके अनिल को अब नामजद अभियुक्त बना सकती है एसआइटी

पटना [जेएनएन]। 48 घंटों के पुलिस रिमांड के दौरान अनंतप्रीत सिंह बरार उर्फ आनंद बरार ने एसआइटी के सामने दिए अपने बयानों से फरार चल रहे आइएएस अधिकारी सीके अनिल की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार दो दिनों की पूछताछ में बरार ने सीके अनिल के संबंध में एसआइटी को कुछ अहम जानकारियां दी हैं। 

सूत्र बताते हैं कि आनंद बरार द्वारा दी गई जानकारियों को आधार बनाकर अब एसआइटी आयोग के विशेष कार्य पदाधिकारी (ओएसडी) सीके अनिल को भी इस घोटाले में नामजद अभियुक्त बना सकती है। हालांकि इस संबंध में एसआइटी से जुड़ा कोई भी अधिकारी अपनी जुबान खोलने को तैयार नहीं है। 

आयोग के ओएसडी को होती थी हर फैसले की जानकारी
सूत्र बताते हैं कि आनंद बरार ने एसआइटी को बताया है कि आयोग के अध्यक्ष सुधीर कुमार जो भी फैसले लिया करते थे, उसकी जानकारी सीके अनिल को भी होती थी। क्योंकि सुधीर कुमार के पास जाने वाली सभी संचिकाएं सीके अनिल की निगाहों से होकर ही गुजरती थी। जिसमें प्रश्नपत्र से लेकर ओएमआर की छपाई तक शामिल है।

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साथ ही बीएसएससी की प्रतियोगिता परीक्षाओं में किसे इवैल्यूलेटर की जिम्मेदारी दी जा रही है और प्रश्नपत्र कौन सेट कर रहा है, यह भी सीके अनिल को पता होता था। सूत्रों की मानें तो एसआइटी ने अब दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र में भी सीके अनिल की तलाशी शुरू कर दी है।

बता दें कि बरार बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की इंटरस्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा का इवैल्यूलेटर था। दो दिनों की रिमांड अवधी समाप्त होने के बाद शुक्रवार की शाम उसे बेउर जेल भेज दिया गया।

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