सुपौल में बदलेगा सरकारी दफ्तरों का चेहरा... 26 करोड़ से बनेगा G+5 भवन, एक ही परिसर में मिलेंगी कई विभागों की सुविधाएं
सुपौल में 26 करोड़ रुपये की लागत से G+5 संयुक्त कार्यालय भवन के निर्माण को बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्वीकृति ...और पढ़ें

एक छत के नीचे होंगे कई विभाग(फोटो AI)
HighLights
सुपौल में 26 करोड़ का G+5 संयुक्त कार्यालय भवन।
बिहार सरकार ने दी प्रशासनिक स्वीकृति, सीएम ने दी जानकारी।
एक छत के नीचे मिलेंगी कई सरकारी विभागों की सेवाएं।
राज्य ब्यूरो, सुपौल/पटना। जिले के लोगों को सरकारी कामकाज के लिए अलग-अलग विभागों के दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। सुपौल समाहरणालय परिसर में करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से संयुक्त कार्यालय भवन बनाया जाएगा। बिहार सरकार ने इस परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इसकी जानकारी साझा की। प्रस्तावित भवन के तैयार होने से जिला प्रशासन के कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने और आम लोगों को सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान करने की योजना है।
भूतल के साथ पांच मंजिलें, एक छत के नीचे होंगे कई विभाग
प्रस्तावित संयुक्त कार्यालय भवन जी+5 यानी ग्राउंड फ्लोर के अलावा पांच मंजिलों का होगा। इस तरह भवन में कुल छह स्तर होंगे। इसमें जिला स्तर के विभिन्न विभागों के कार्यालयों को एक साथ संचालित करने की योजना है।
हालांकि, किन-किन विभागों को इस भवन में जगह दी जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
26 करोड़ की योजना को मिली प्रशासनिक मंजूरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि सुपौल समाहरणालय परिसर में संयुक्त कार्यालय भवन के निर्माण के लिए लगभग 26 करोड़ रुपये की योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
यह मंजूरी परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब निर्माण की प्रक्रिया, टेंडर और काम शुरू होने की तारीख से जुड़ी जानकारी का इंतजार रहेगा।
आम लोगों को मिलेगी सरकारी कामकाज में सहूलियत
संयुक्त कार्यालय भवन बनाने का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न विभागों के प्रशासनिक कार्यों को सुगम और सुव्यवस्थित करना है। इससे नागरिकों को अलग-अलग विभागों तक पहुंचने में होने वाली परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।
एक ही परिसर में कई कार्यालय होने से सरकारी कामकाज के समन्वय में भी आसानी होने की उम्मीद है। हालांकि, आम लोगों को वास्तविक सुविधा कितनी मिलेगी, यह भवन के संचालन और विभागों के आवंटन पर निर्भर करेगा।
समाहरणालय परिसर में ही होगा निर्माण
इस परियोजना के लिए सुपौल समाहरणालय परिसर को चुना गया है। इससे जिला मुख्यालय में पहले से मौजूद प्रशासनिक व्यवस्था के साथ नए भवन को जोड़ने का अवसर मिलेगा। समाहरणालय आम नागरिकों और जिला प्रशासन के बीच संपर्क का प्रमुख केंद्र होता है।
ऐसे में संयुक्त कार्यालय भवन बनने से विभिन्न विभागों की सेवाओं को एक जगह उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है।
निर्माण शुरू होने और पूरा होने की तारीख का इंतजार
फिलहाल सरकार की ओर से परियोजना की अनुमानित लागत और भवन के स्वरूप की जानकारी दी गई है। निर्माण कार्य कब शुरू होगा, टेंडर कब निकलेगा और भवन कब तक तैयार होगा, इसकी समय-सीमा की घोषणा नहीं की गई है।
विभागों की सूची और नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का ब्योरा भी सामने आना बाकी है। अब आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही परियोजना की वास्तविक प्रगति स्पष्ट होगी।
यह भी पढ़ें- कोसी के मखाने की देशभर में बढ़ी मांग, सहरसा से हर दिन दूसरे राज्यों में जा रहा 50 बोरा मखाना
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।