यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'तेजस्वी पर शराब पीने का आरोप', भाजपा नेता बोले- इसकी जांच होनी चाहिए; रामबली के पास होंगे सबूत
बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा है कि तेजस्वी यादव के पद पर रहते उनकी ही पार्टी के विधान परिषद सदस्य रामबली सिंह ने यदि आरोप लगाए तो उनके प ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में जब पूर्ण मद्यनिषेध का कानून लागू है, तब पिछली सरकार के समय उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर शराब पीने का आरोप एक गंभीर मामला है। राज्य सरकार को इसकी विस्तृत जांच करानी चाहिए। तेजस्वी यादव के पद पर रहते उनकी ही पार्टी के विधान परिषद सदस्य रामबली सिंह ने यदि आरोप लगाए, तो उनके पास कुछ प्रमाण भी होंगे।
उन्होंने कहा कि किसी की विधान परिषद सदस्यता समाप्त या बहाल करना सभापति का विशेषाधिकार है, लेकिन शराबबंदी कानून तोड़ने के आरोप की जांच तो सरकार करा ही सकती है।
मोदी ने कहा कि शराब पीने, रखने या उसका व्यापार करने पर पूर्ण प्रतिबंध का कानून 2016 से लागू है। कानून तोड़ने पर जब सामान्य नागरिक को दंडित किया जाता है, तब तेजस्वी यादव के दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई हो सकती है।
2020 में एनडीए की सरकार को ही जनादेश मिला था, भ्रम में ना रहे महागठबंधन के लोग : मनोज शर्मा
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में भाजपा एवं जदयू के गठबंधन को बिहार की जनता ने जनादेश दिया था और वही सरकार फिर से कायम हुई है। महागठबंधन के तमाम नेता अपने मन से इस बात को निकाल लें कि अब यह गठबंधन टूटने वाला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2020 वाला गठबंधन फिर से मजबूती के साथ आने वाले समय में बिहार का विकास करेगी। इसी गठबंधन के तहत लोकसभा का चुनाव एवं आने वाले समय में विधानसभा का चुनाव लड़ा जाएगा।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा ने कहा कि जो लोग यह भ्रम पाल रहे हैं कि बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के समय खेला करेंगे तो, वह पहले अपने गिरेबान में झांक ले। एनडीए के विधायक एकजुट हैं, एक साथ हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व पर विश्वास करते हैं, ऐसी स्थिति में एनडीए की सरकार विधानसभा में विश्वास मत हासिल करेगी।
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शर्मा ने कहा महागठबंधन के घटक दल अपने विधायकों पर भरोसा नहीं करता है। इसका ताजा उदाहरण है कि कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को हैदराबाद में बंधक बनाया हुआ है। उन्हें डर है कि उनके विधायक छिटक ना जाएं और इसी डर की वजह से सभी विधायकों को हैदराबाद ले जाकर बाड़ाबंदी किए हुए है।