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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Politics: लालू के खिलाफ सुन नहीं पाए तेजस्वी, सम्राट से छिड़ी जुबानी जंग; बोले- मेरे पिता के कारण ही...

    Updated: Tue, 04 Mar 2025 07:29 PM (IST)

    बिहार विधानसभा में मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और अन्य सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। एक-दूसरे के पिता के कर्मों का लेखा-जोखा लेकर बैठे सदस्य ...और पढ़ें

    लालू के खिलाफ सुन नहीं पाए तेजस्वी यादव
    लालू के खिलाफ सुन नहीं पाए तेजस्वी यादव

    HighLights

    1. शकुनी चौधरी का नाम सुनते ही एक्टिव हुए सम्राट
    2. तेजस्वी ने सम्राट को याद दिलाई पुरानी बात

    राज्य ब्यूरो, पटना। विधानसभा में मंगलवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के भाषण की शुरुआत तो हंसी मजाक वाले अंदाज में हुई, लेकिन जल्द ही कई सदस्य एक दूसरे के पिता के कर्मों का लेखा-जोखा लेकर बैठ गए।

    माहौल अधिक गर्म होता, उससे पहले ही विधानसभा अध्यक्ष नन्द किशोर यादव ने सदस्यों को व्यक्तिगत टिप्पणी करने से रोक दिया।

    तेजस्वी ने अपने भाषण के शुरू में ही कहा कि सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गले लगाया तो यह दूसरे उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को चिढाने का उपक्रम था।

    सिन्हा उस समय सदन में नहीं थे। सम्राट सदन में चुपचाप तेजस्वी का भाषण सुन रहे थे। लेकिन, तेजस्वी ने जैसे ही सम्राट के पिता पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति की गई अशोभनीय टिप्पणी की चर्चा की, सदन में शोरगुल शुरू हो गया।

    सम्राट ने तेजस्वी को कहा कि आपके पिता ने बिहार को लूट लिया। जवाब में तेजस्वी ने सम्राट को याद दिलाया कि लालू प्रसाद के कारण ही वे पहली बार मंत्री बन पाए थे। अंतिम बार भी राजद के टिकट पर ही विधायक बने।

    राजद से अलग होने के बाद फिर कभी विधायक नहीं बन पाए। तेजस्वी ने विजय कुमार सिन्हा की प्रशंसा की। कहा कि विजय सिन्हा असली भाजपाई हैं। सम्राट चौधरी तो पांच साल के भाजपाई हैं।

    पशुपालन घोटाला की चर्चा करने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री स्व. डॉ. जगन्नाथ मिश्र का जिक्र कर दिया। उनका कहना था कि डॉ. मिश्र भी पशुपालन घोटाला के अभियुक्त थे, लेकिन नाम सिर्फ लालू प्रसाद का ही लिया जाता है।

    सदन में मौजूद डॉ. मिश्र के पुत्र एवं उद्याेग मंत्री नीतीश मिश्रा ने प्रतिवाद किया। उनका कहना था कि डॉ. मिश्र को अदालत ने आरोपों से बरी कर दिया था।

    सदन में फिर शोर-शराबा शुरू हो गया। इसी बीच तेजस्वी ने प्रश्न किया कि डा. मिश्र छह मामलों में आरोपी थे। वे कितने मामलाें में बरी हुए थे? शोर शराबा के कारण नीतीश मिश्रा का उत्तर नहीं सुना जा सका।

    मैं मलाई नहीं चांपता: विजय चौधरी

    • तेजस्वी ने अपने भाषण में एक बार कहा कि जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी 1990 तक कांग्रेस में रह कर मलाई चांपते थे। बाद में इधर आ गए।
    • चौधरी ने तुरंत जवाब दिया-मैं आपके साथ भी रहा हूं। मैं जहां भी रहता हूं, काम करता हूं। मलाई चांपने का काम दूसरों का है।
    • चौधरी ने कहा कि तेजस्वी पूर्ववर्ती सरकारों की कमियां गिनाकर कांग्रेस की ही आलोचना कर रहे हैं। कांग्रेस अभी राजद के साथ महागठबंधन में है।

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