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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Caste Census: 'अब हमारी अगली लड़ाई ये होगी कि...', जाति जनगणना के फैसले पर तेजस्वी यादव ने दी प्रतिक्रिया

    Updated: Wed, 30 Apr 2025 05:29 PM (IST)

    Bihar Politics राजद नेता तेजस्वी यादव ने जाति गणना को लेकर केंद्रीय कैबिनेट के फैसले पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह उनकी 30 साल पुरानी मांग थी और ...और पढ़ें

    बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव। फाइल फोटो
    बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव। फाइल फोटो

    डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राजद नेता तेजस्वी यादव ने जाति गणना को लेकर केंद्रीय कैबिनेट के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है।

    तेजस्वी ने कहा कि यह हमारी 30 साल पुरानी मांग थी। यह हमारी, समाजवादियों और लालू यादव की जीत है। इससे पहले बिहार के सभी दलों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी, लेकिन उन्होंने हमारी मांग को अस्वीकार कर दिया था। कई मंत्रियों ने इसे अस्वीकार कर दिया, लेकिन यह हमारी ताकत है कि उन्हें हमारे एजेंडे पर काम करना है। 

    तेजस्वी ने आगे कहा कि अब हमारी अगली लड़ाई ये होगी कि देश में जाति गणना होने के बाद, जो नतीजे आएंगे, उसके बाद पूरे देश के विधानसभा चुनाव में हमारी मांग रहेगी कि पिछड़ों और अतिपिछड़ों के लिए सीटें रिजर्व करनी पड़ेगी। क्योंकि हमारी जितनी आबादी है, उस हिसाब से भागीदारी होनी चाहिए।

    65 प्रतिशत आरक्षण को लेकर भी तेजस्वी ने दिया जवाब

    तेजस्वी ने कहा कि जब हमने बिहार में जातिगत सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आरक्षण को बढ़ाकर 65% किया था, तब भी हमने केंद्र सरकार से मांग की थी कि इस प्रावधान को अनुसूची 9 में शामिल किया जाए, लेकिन अब तक सरकार ने ऐसा नहीं किया है। 

    उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना परिसीमन से पहले होनी चाहिए और जिस तरह दलितों, एससी, एसटी और आदिवासियों के लिए संसद और राज्य विधानसभाओं में आरक्षित सीटें हैं, उसी तरह ओबीसी और अति पिछड़े वर्गों के लिए भी आरक्षित सीटें होनी चाहिए।

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