यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar: अपनी सीट पर नहीं बैठे थे नीतीश, तेजस्वी ने खूब खरी-खोटी सुना दी; बोले- मुझे दुख है कि...
बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ...और पढ़ें

HighLights
- 'सब लोग मुझे आशीर्वाद दें; मैं नया बिहार बनाऊंगा'- तेजस्वी
- प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
- कहा- जंगलराज जपना बंद कीजिए और आपने क्या किया, उसके बारे में बताए
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव (Tejashwi Yadav) मंगलवार को बिहार विधानसभा में पूरी रौ में दिखे। उन्होंने 1990 से 2005 तक लालू-राबड़ी की सरकार की उपलब्धियां गिनाई। राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया।
उन्होंने सत्तापक्ष से कहा- अब तो जंगलराज जपना छोड़िए और 20 सालों में क्या-क्या किया, उसके बारे में बताइए। तेजस्वी ने अपने भाषण के अंत में सदन से कहा- सब लोग मुझे आशीर्वाद दीजिए, मैं नया बिहार बनाऊंगा। जिस समय तेजस्वी सदन में अपनी बात रख रहे थे, उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे।
तेजस्वी ने कहा कि मुझे दुख है कि मेरे लिखे पत्र का मुख्यमंत्री कोई जवाब नहीं देते और न मेरे वक्तव्य के दौरान सदन में मौजूद हैं। हालांकि, तेजस्वी के वक्तव्य खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री सदन में आ गए।
'राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर बड़ा कन्फ्यूजन'
तेजस्वी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर बड़ा कन्फ्यूजन है। सरकारें बदल जाती हैं। राज्यपाल बदल जाते हैं, लेकिन अभिभाषण हर साल वही रहता है। आरिफ मोहम्मद खान बिहार के नए राज्यपाल बने हैं। कुछ लोगों ने अभिभाषण का कॉपी दे दिया होगा, जिसे उन्होंने पढ़ दिया है। शायद उन्होंने पिछला अभिभाषण नहीं पढ़ा होगा कि पिछला बजट क्या था?
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तेजस्वी ने कहा, 2020 से 2025 के बीच में तीन बार सरकार बदली। दो साल भी किसी सरकार का कार्यकाल नहीं हो पाता है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पिछली सरकार में राज्यपाल रहे राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण की कॉपी लेकर विधानसभा आए हैं। इससे पहले के जितने भी राज्यपाल रहे होंगे, सभी का अभिभाषण वही पुराना और घिसा-पिटा रहा है। राज्यपाल कब का अभिभाषण पढ़ रहे थे, लोग पूरी तरह से भ्रम में हैं।
उन्होंने एक शेर पढ़ा- पुराने कागजों में उलझे हैं तुम्हारे दिन और रात, घड़ी देखकर भी भूल जाते हो हर मुलाकात। तेजस्वी ने कहा- राज्य में जब हमलोगों की सरकार थी उस वक्त बड़ी संख्या में पुलिस और शिक्षक के पदों पर बहाली हुई। हमारी सरकार की उपलब्धि को भी इस सरकार की उपलब्धि में जोड़ दिया गया है। राज्यपाल के अभिभाषण में हमारी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया गया।
'कत्ल तो नहीं बदला कत्ल की जगह बदली'
तेजस्वी सदन में लालू-राबड़ी की सरकार में सरकारी नियुक्तियों और विकास कार्यों का आंकड़ा एवं नीति आयोग की रिपोर्ट से लेकर बिहार के विकास से जुड़ी दो-तीन पुस्तकें भी साथ लाए थे, जिसे उठा-उठाकर अपने भाषण के दौरान कभी आसन की ओर से कभी सरकार-सत्तापक्ष की तरफ दिखा रहे थे।
लिखित में कई शेरो-शायरी भी लाए थे। उन्होंने नीतीश सरकार पर तंज कसते हुए एक शेर पढ़ा- कत्ल तो नहीं बदला, कत्ल की जगह बदली।
उन्होंने आंकड़े के जरिये लालू-राबड़ी की सरकार में हुई नियुक्तियों, स्कूली शिक्षा में सुधार, अफसरशाही पर नकेल और विकास कार्यों के बारे में बताया।
तेजस्वी ने विधायक दल-बदल के मुद्दे पर कहा कि बिहार विधानसभा में कोई नियम-कानून नहीं बचा है। यह सीधे तौर पर कानून का अपमान है कि विपक्ष के लोग सत्ता पक्ष में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्षी विधायक सत्ता पक्ष में कैसे बैठ सकते हैं?
तेजस्वी ने सही तथ्य पर बात करने की मुख्यमंत्री को दी चुनौती
प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने राज्य के विकास पर सही तथ्यों पर बात करने की चुनौती मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दी। उन्होंने चुनौती के अंदाज में कहा कि 65 प्रतिशत आरक्षण का फिर से प्रस्ताव लाएं। हम उसे लागू कराने के लिए समर्थन करेंगे। जनता ने उन्हें 20 साल मौका दिया, फिर भी बिहार विकसित क्यों नहीं हुआ। इसका जवाब मुख्यमंत्री दें। अगर यह सरकार 40 साल भी रह जाएगी, तब भी पुरानी सरकार को दोष देती रहेगी।
तेजस्वी ने कहा कि राज्य में अफसरशाही, भ्रष्टाचार, महंगाईऔर गरीब-गुरबों पर दमन चरम पर है। 2005 से पहले राज्य में पावरफुल सरकार थी, जो दिल्ली से लड़कर बिहार के लिए हक लेती थी। 1990 के बाद राज्य में किसी माई के लाल में दम नहीं था कि जो गरीब-गुरबों को सताए। गरीबों-शोषितों को यह ताकत लालू प्रसाद ने दिया था।