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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दिल्ली के लिए Congress के स्टार प्रचारकों में बिहार का कोई चेहरा नहीं, कन्हैया कुमार का मनोज तिवारी से होगा सामना

    Updated: Tue, 07 May 2024 11:45 PM (IST)

    कन्हैया कुमार को कांग्रेस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली से प्रत्याशी तो बनाया है लेकिन वहां प्रचार-प्रसार के लिए बिहार के किसी नेता को उपयुक्त नहीं माना है। ...और पढ़ें

    दिल्ली के लिए Congress के स्टार प्रचारकों में बिहार का कोई चेहरा नहीं (फाइल फोटो)
    दिल्ली के लिए Congress के स्टार प्रचारकों में बिहार का कोई चेहरा नहीं (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. कन्हैया कुमार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली से प्रत्याशी बनाए जाने के बावजूद ऐसी स्थिति
    2. वहां बिहार मूल के मतदाताओं की अच्छी उपस्थिति, पिछले चुनाव में भाजपा को मिला उसका लाभ

    राज्य ब्यूरो, पटना। कन्हैया कुमार को कांग्रेस दिल्ली में प्रत्याशी तो बनाती है, लेकिन वहां प्रचार-प्रसार के लिए संभवत: बिहार के किसी नेता को उपयुक्त नहीं मानती। दिल्ली के लिए जारी पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची तो ऐसा ही प्रतीत हो रहा।

    उसमें बिहार से जुड़ा कांग्रेस का कोई चेहरा नहीं। ऐसा तब, जबकि राष्ट्रीय संगठन में बिहार का आज भी प्रतिनिधित्व है और दिल्ली में बिहार मूल के मतदाताओं की संख्या भी अच्छी-खासी है।

    पिछले लोकसभा चुनाव में गिरिराज सिंह से खा चुके हैं मात

    बिहार मूल के मतदाताओं की ठीकठाक उपस्थिति भी उत्तर-पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में कन्हैया कुमार की दावेदारी का आधार बनी थी। वे बेगूसराय के मूल निवासी हैं और वहां लोकसभा के पिछले चुनाव में भाजपा के फायर ब्रांड गिरिराज सिंह से मात खा चुके हैं।

    कन्हैया के लिए कांग्रेस इस बार भी बेगूसराय की अपेक्षा रखे हुए थी, लेकिन सीट समझौते में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने महागठबंधन में सम्मिलित भाकपा की दावेदारी पर मुहर लगाई। महागठबंधन में अपना वर्चस्व दिखाते हुए लालू ने बिहार में ऐसी कई सीटों पर कांग्रेस की दावेदारी खारिज की।

    कन्हैया के सामने हैं मनोज तिवारी

    अब कन्हैया को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भाजपा के मनोज तिवारी से संघर्ष करना है। वहां पिछले चुनाव में मनोज तिवारी की जीत में पूर्वांचल मूल के मतदाताओं की भूमिका निर्णायक रही है।

    उन मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा अपने बिहारी मतदाताओं को प्रचार-प्रसार के लिए दिल्ली बुला रही, लेकिन कांग्रेस संभवत: इसकी आवश्यकता नहीं समझती। बिहार कांग्रेस के नेता इस पर कुछ बोलने से कतरा भी जाते हैं। हालांकि, कन्हैया से शुभेच्छा रखने वाले उनके प्रचार के लिए बिहार से दिल्ली आ-जा भी रहे।

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