यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Champaran Muzaffarpur Route: तिरहुत मुख्य नहर के किनारे बन रही सड़क, चंपारण-मुजफ्फरपुर में सुगम होगा आवागमन
तिरहुत मुख्य नहर के किनारे बन रही सड़क से पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर के बीच आवागमन सुगम होगा। 91 किलोमीटर लंबी इस सड़क के बन जाने से किसानों और ग्राम ...और पढ़ें

HighLights
- जल संसाधन विभाग का उद्देश्य ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना भी है।
- तिरहुत मुख्य नहर के तट पर सड़क का निर्माण हो रहा है।
- परियोजना स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। तिरहुत मुख्य नहर के किमी. 164 से किमी. 255 के बीच सेवा पथ पर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। 91 किलोमीटर लंबी इस सड़क के बन जाने के बाद पूर्वी चंपारण जिला से मुजफ्फरपुर की कनेक्टिवटी (Champaran To Muzaffarpur Road) सहज हो जाएगी।
इसके साथ ही नहर की देखरेख में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों-इंजीनियरों के लिए भी आवागमन अपेक्षाकृत सुगम हो जाएगा।
क्या है जल संसाधन विभाग का उद्देश्य?
जल संसाधन विभाग का उद्देश्य नहरों की अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के साथ ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना भी है। इस उद्देश्य से पूर्वी गंडक नहर प्रणाली (गंडक फेज-दो) के विस्तार, पुनर्स्थापन एवं आधुनिकीकरण (ईआरएम) के अवशेष कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है।
इसी के अंतर्गत तिरहुत मुख्य नहर के तट पर सड़क का निर्माण हो रहा है। इससे पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर जिला के स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को आवागमन के लिए एक वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में यातायात सुगमता बेहतर होगी।
विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी ये योजना
किसानों और ग्रामीणों को खेतों, मंडियों, कारखानों तक अपने उत्पादों व सामान को पहुंचाने में सहूलियत होगी। इस तरह यह परियोजना स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जल संसाधन विभाग का कहना है कि इस कार्य को गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में पूरा करने की प्रतिबद्धता है। इस सड़क के निर्माण से विभागीय पदाधिकारियों के लिए पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर जिले में तिरहुत मुख्य नहर के जरिये हो रही सिंचाई व्यवस्था के निरीक्षण में सुविधा होगी।
स्वीकृत योजनाओं को तय समय पर पूरा कराएं डीडीसी-डीपीआरओ
पंचायतीराज विभाग की ओर संचालित योजनाओं के प्रगति की बुधवार को सचिव दिवेश सेहरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। बैठक में सभी जिलों के उप-विकास आयुक्त (डीडीसी) एवं जिला पंचायत राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) सम्मिलित हुए। इस दौरान सचिव ने सभी ग्राम पंचायतों के अभिलेख अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने की अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया।
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डीडीसी एवं डीपीआरओ को 15वीं वित्त आयोग तथा छठे राज्य वित्त आयोग के तहत ली गई योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति ले कर जन-कल्याणकारी योजनाओं में तेजी से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रखंड पंचायती पदाधिकारी (बीपीआरओ) से प्रतिदिन रात्रिकाल रात्रि काल में स्थल निरीक्षण कर मुख्यमत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत ग्राम पंचायतों में अधिष्ठापित सोलर स्ट्रीट लाइट्स का अनुश्रवण करें।
ग्राम पंचायतों में अभी तक 4,76,845 सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाए गए हैं। सचिव शेष बचे पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की समीक्षा इस दौरान माइक्रो-मॉनिटरिंग पद्धति अपनाते हुए कार्य के दौरान आ रही समस्त चुनौतियों को दूर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अंचलाधिकारी एवं हलका कर्मचारी के साथ प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी समन्वय कर बचे हुए पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के लिए जमीन की शीघ्र तलाश करें। योजनाओं की क्षेत्र में तेजी से प्रगति सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर विभाग जिम्मेदार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।