'BPSC TRE-4 का विज्ञापन या शिक्षा मंत्री का इस्तीफा', 18 अगस्त से पटना में महाआंदोलन, आमरण अनशन पर बैठेंगे छात्र
शिक्षक भर्ती (TRE-4) विज्ञापन में देरी से नाराज अभ्यर्थियों ने 18 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग में महाआंदोलन और आमरण अनशन की घोषणा की है।

पांच दिन का अल्टीमेटम, फिर विधानसभा मार्च
HighLights
TRE-4 विज्ञापन में देरी पर छात्रों का महाआंदोलन।
18 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग में आमरण अनशन।
सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम, फिर विधानसभा मार्च।
जागरण संवाददाता, पटना। टीआरई-4 के विज्ञापन को लेकर बिहार में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की ओर से जुलाई में विज्ञापन जारी करने की बात कही गई थी, लेकिन अगस्त के 13 दिन बीतने के बाद भी विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर कृष्णा घाट पर अभ्यर्थियों की बैठक हुई।
18 अगस्त से गर्दनीबाग में महाआंदोलन
बैठक में छात्र नेताओं ने आंदोलन की रूपरेखा तय की। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि 18 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर महाआंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने खुद आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान किया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा।
पांच दिन का अल्टीमेटम, फिर विधानसभा मार्च
छात्र नेता के मुताबिक, आंदोलन शुरू होने के बाद सरकार को मांगों पर फैसला लेने के लिए पांच दिन का समय दिया जाएगा।
अगर इस अवधि में कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए विधानसभा मार्च निकाला जाएगा। अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका लक्ष्य भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू कराना है।
सिर्फ TRE-4 नहीं, कई भर्तियां एजेंडे में
प्रस्तावित आंदोलन का दायरा सिर्फ शिक्षक भर्ती तक सीमित नहीं है। अभ्यर्थियों ने बीएसएससी द्वितीय इंटरस्तरीय और चतुर्थ स्नातक स्तरीय परीक्षा की प्रक्रिया तेज करने, बीएसओ परीक्षा की तिथि घोषित करने और लाइब्रेरियन बहाली की मांग भी उठाई है।
दरोगा और सिपाही भर्ती से जुड़े मुद्दे भी आंदोलन में शामिल किए जाने की बात कही गई है।
संविदा वेटेज हटाने की भी मांग
अभ्यर्थियों की ओर से बीएसएससी भर्ती में संविदा वेटेज हटाने की मांग भी उठाई गई है। छात्र नेताओं का कहना है कि विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में लंबे समय से इंतजार कर रहे युवाओं को समय पर परीक्षा और नियुक्ति का अवसर मिलना चाहिए।
उनका दावा है कि देरी का असर अभ्यर्थियों की तैयारी और उम्र दोनों पर पड़ रहा है।
अब आश्वासन नहीं, विज्ञापन की मांग
टीआरई-4 को लेकर अभ्यर्थियों की मुख्य मांग सभी रिक्त पदों और सभी विषयों के लिए जल्द विज्ञापन जारी करना है।
छात्र नेता दिलीप ने कहा कि अभ्यर्थियों ने सरकार से नई अधियाचना की मांग नहीं की है, बल्कि लंबित भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की है।
शिक्षा मंत्री के खिलाफ भी नारेबाजी
बैठक और प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। छात्र नेताओं ने उनके पूर्व में दिए गए आश्वासन का हवाला देते हुए विज्ञापन जारी करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि भर्ती को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जाता है तो शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन का हिस्सा होगी।
गर्दनीबाग से विधानसभा तक पहुंच सकता है आंदोलन
18 अगस्त से शुरू होने वाले आंदोलन पर अब अभ्यर्थियों की नजर है। यदि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं आता है, तो पांच दिन बाद विधानसभा मार्च की चेतावनी दी गई है।
ऐसे में TRE-4 समेत लंबित भर्तियों को लेकर पटना में छात्र आंदोलन के तेज होने की संभावना है।

