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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अपने धर्म के अनुसार पति का अंतिम संस्कार करना चाहती थीं पत्नियां, ऐसे सुलझा विवाद

By Amit AlokEdited By:
Updated: Mon, 03 Apr 2017 11:54 PM (IST)

बिहार के मुजफ्फरपुर में पति की मौत के बाद उसकी दो पत्नियों में अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। दोनों अपने-अपने धर्मों के अनुसार अंतिम संस्‍कार कराना चाहती थीं।

अपने धर्म के अनुसार पति का अंतिम संस्कार करना चाहती थीं पत्नियां, ऐसे सुलझा विवाद
अपने धर्म के अनुसार पति का अंतिम संस्कार करना चाहती थीं पत्नियां, ऐसे सुलझा विवाद

पटना [जेएनएन]। एक पति की दो पत्नियां और दोनों के अलग-अलग धर्मों को मानने वाली। पति की मौत के बाद दाेनों ने शव पर अपना हक जताते हुए अपने धर्म के अनुसार अंतिम संस्‍कार करना चाहा। इसपर विवाद हुआ तो बीच-बचाव के लिए समाज आगे आया। अंतत: दोनों धर्मों के अनुसार अंतिम संस्‍कार किया गया। यह घटना मुजफ्फरपुर में हुई।

मुजफ्फरपुर निवासी रिटायर्ड डीएसपी कृष्णदेव प्रसाद की मौत बुधवार की रात को हो गई। उन्‍होंने दो विवाह किए थे। एक पत्‍नी हिंदु तो दूसरी इसाई। पति की मौत के बाद दोनों उनका  अंतिम संस्‍कार अपने-अपने धर्म की रीति के अनुसार करना चाहती थीं। इसपर विवाद खड़ा हो गया।

कृष्णदेव मुजफ्फरपुर में अपनी  ईसाई पत्नी के साथ रहते थे। मौत की खबर मिलने पर हिंदु धर्मावलंबी पहली पत्नी बेटे-बेटियों से साथ आ पहुंची। दूसरी पत्नी ईसाई परंपरा से कृष्णदेव का अंतिम संस्कार करना चाहती थी, जबकि पहली पत्नी अंतिम संस्कार हिंदू धर्म के अनुसार करने पर अड़ गई थी।

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विवाद बढ़ता देख हिंदू संगठन के कुछ लोग भी पहुंचे। समाज के प्रबुद्ध लोग भी जुटे। लोगों ने सोच-विचार कर तय किया कि अंतिम संस्कार में दोनों धर्मों से जुड़े विधि-विधान का पालन किया जाए।

इसके बाद घर में दूसरी मंजिल पर रखे शव को ईसाई विधि के अनुसार कॉफिन में रखकर नीचे लाया गया। फिर, उसे हिंदू मान्यता के अनुसार अर्थी पर लिटाकर दाह संस्कार के लिए ले जाया गया।

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