यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: जेडीयू का नाम मत लीजिए आरजेडी ठीक है... नित्यानंद राय से मिलने के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने क्यों कहा ऐसा? जानिए
Upendra Kushwaha केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता नित्यानंद राय से मुलाकात पर राष्ट्रीय लोक जनता दल (आरएलजेडी) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया के स ...और पढ़ें

HighLights
- उपेंद्र कुशवाहा ने जेडीयू पर जमकर निशाना साधा
- उपेंद्र कुशवाहा ने नित्यानंद राय से मुलाकात के बाद अपनी बात रखी।
एएनआई, पटना। Upendra Kushwaha: केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता नित्यानंद राय से मुलाकात पर राष्ट्रीय लोक जनता दल (आरएलजेडी) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया के सामने अपना बयान जारी किया है। उन्होंने इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडी यू पर जमकर निशाना साधा। वहीं उन्होंने आरजेडी के बारे में अलग तरह से ही अपना पक्ष रखा।
जेडीयू को बताया समाप्त तो आरजेडी को बताया चुनौती
उपेंद्र कुशवाहा सब जेडीयू और आरजेडी से टक्कर मिलने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जेडीयू का नाम मत लीजिए। वह तो अब समाप्ति की कगार पर है। उस पार्टी में अब कुछ बचा थोड़ी है। हां आरजेडी ठीक है और हम उसे ही चुनौती मानकर चल रहे हैं। आरजेडी से हमारी चुनावी लड़ाई होगी।
जेडीयू में टूट निश्चित: उपेंद्र कुशवाहा
उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने कहा कि जेडीयू में टूट निश्चित है और इसके लिए नीतीश कुमार पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। नीतीश कुमार ने अपने हाथ से जेडीयू का गला घोंट दिया है। उन्होंने कहा कि जेडीयू पर नीतीश कुमार को अब कोई कमांड नहीं रहा है। बहुत जल्द सबकुछ उजागर हो गया और सच्चाई सामने आ जाएगी।
उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार से अलग होकर नई पार्टी बनाई थी
बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने फरवरी महीने में बगावती तेवर अपनाते हुए नई पार्टी बनाने की घोषणा कर दी थी। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था कि वे आज से नई शुरुआत करने जा रहे हैं। बता दें कि नीतीश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा को संसदीय दल का अध्यक्ष बनाया था।
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नित्यानंद राय से हमारे व्यक्तिगत संबंध: उपेंद्र कुशवाहा
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नित्यानंद राय से हमारे व्यक्तिगत संबंध भी हैं। हमारी पार्टी भी एनडीए का हिस्सा है। चुनाव आ रहे हैं तो स्वाभाविक रूप से इस विषय पर भी चर्चा हुई। एनडीए को कैसे मजबूत किया जाए इस पर चर्चा हुई। हम सभी 40 सीटें जीतेंगे।