Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'केके पाठक की Video Clip आप देख लें...', विधानसभा में हो-हल्ला, सरकार से मिला दो टूक जवाब

    Updated: Thu, 22 Feb 2024 01:35 PM (IST)

    Bihar Politics KK Pathak बिहार विधानसभा में बृहस्पतिवार को एक बार फिर हंगामा देखने को मिला। बीते रोज उच्च सदन यानी विधान परिषद में केके पाठक के वीडिय ...और पढ़ें

    'केके पाठक की Video Clip आप देख लें...', विधानसभा में हो-हल्ला, सरकार से मिला दो टूक जवाब
    'केके पाठक की Video Clip आप देख लें...', विधानसभा में हो-हल्ला, सरकार से मिला दो टूक जवाब

    HighLights

    1. मंत्री विजय चौधरी ने सदन में पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर को दी नसीहत
    2. सदन में वीडियो दिखाने की मांग पर बोले- यह परंपरा उचित नहीं

    डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानसभा में बृहस्पतिवार के दिन भी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के मामले को लेकर विपक्ष ने हंगामा और नारेबाजी की। वहीं, सरकार की ओर से भी इस संबंध में जवाब दिया गया।

    सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री विजय चौधरी ने इस मुद्दे पर सदन में जवाब दिया। उन्होंने आसन से मुखातिब होकर कहा कि हमारे विपक्ष के साथी एक के बाद एक मुद्दा उठाते जा रहे हैं।

    सभी की दिशा एक ही होती है। हमने जो सुना और समझा, क्योंकि ये लोग जब बोलते हैं तो एकसाथ बोलते हैं। ऐसे में कुछ समझ नहीं आता है।

    बहरहाल, ये लोग कुछ वीडियो क्लिप और गाली दिए जाने की बात कर रहे थे। चौधरी ने कहा कि यह मुद्दा बीते रोज उच्च सदन में भी उठा था।

    हमने उसमें भी कहा था कि सरकार की ओर से किसी अधिकारी को सामान्य नागरिक को भी गाली देने का अधिकार नहीं है। ऐसे में शिक्षक या विधायक को कोई अधिकारी कैसे गाली दे सकता है?

    इस पर विपक्ष की ओर से वीडियो दिखाने की अनुमति मांगी गई। हालांकि, आसन की ओर इसे कहा गया कि कोई वीडियो दिखाने की अनुमति नहीं है।

    चंद्रशेखर से चौधरी का अनुरोध

    मंत्री विजय चौधरी ने सदन में इस मुद्दे पर बोलते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर से एक अनुरोध भी किया। उन्होंने कहा कि आप सदन के पुराने साथी हैं और शिक्षा मंत्री रहे हैं। मोबाइल में कोई भी वीडियो अध्यक्ष की अनुमति के बगैर नहीं दिखाया जाता है।

    चौधरी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि उच्च सदन में हमने सरकार की तरफ से कहकर आसन को ही अधिकृत किया है कि आप वहां टेप देख लें। वहां ऐसी सारी सुविधाएं हैं। वहां सदस्य टेप को चलाने की बात कह रहे थे।

    हालांकि, हमने इस पर घोर आपत्ति दर्ज की है। अगर सदस्य अपने कथन के पक्ष में ऐसी कोई वीडियो क्लिपिंग दिखाना चाहेंगे तो एक-एक प्रश्न में वीडियो चलने लगेगा। यह परंपरा उचित नहीं होगी।

    जो अनुशंसा होगा, उसे सरकार मानेगी : चौधरी

    चौधरी ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि उच्च सदन के सभापति को वह टेप उपलब्ध है। उन्हें सरकार ने अधिकृत कर कहा है कि आप टेप देख लें, उसमें क्या आपत्तिजनक है, आपकी जो भी अनुशंसा होगी, उसे सरकार मानेगी।

    खबरें और भी

    इसके बाद भी विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर हो-हल्ला किया जाता रहा। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव की ओर से इस मुद्दे पर चर्चा पूरी होने की बात कहते हुए शांति बनाए रखने की अपील की।

    उन्होंने कहा कि उच्च सदन में मामला उठ चुका है, वहां के पीठासीन अधिकारी मामले को देख रहे हैं। वहां का फलाफल आने दीजिए, उसके बाद देखेंगे।

    यह भी पढ़ें

    KK Pathak: अब कुलपतियों पर केके पाठक की नजर टेढ़ी, हर हाल में करना होगा यह काम; अफसरों को भी दे डाली हिदायत

    KK Pathak: 'केके पाठक ने दी गाली...', विधान परिषद में उछला शिक्षा विभाग के ACS का मुद्दा; अब Video Clip की होगी जांच

    शिक्षकों सावधान! इस दिन कटिहार आ रहे 'एक्शन मैन' KK Pathak, स्कूलों का करेंगे निरीक्षण; तैयारी में जुटा प्रशासन