जमुई कांड की पीड़िता की तस्वीर पर घमासान, तेजस्वी-मीसा ने CM सम्राट चौधरी को घेरा; FIR की मांग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा जमुई की नाबालिग पीड़िता के साथ तस्वीर साझा करने पर बिहार की राजनीति में नया विवाद ...और पढ़ें

सीएम सम्राट चौधरी पर भड़के तेजस्वी यादव और मीसा भारती। फाइल
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नाबालिग पीड़िता संग तस्वीर साझा की।
विपक्ष ने POCSO एक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाया।
तेजस्वी यादव और मीसा भारती ने कार्रवाई की मांग की।
डिजिटल डेस्क, पटना। जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके स्वजन के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
विपक्ष ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से तस्वीर साझा किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि इससे पीड़िता की पहचान उजागर होने का खतरा पैदा हुआ।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राजद सांसद मीसा भारती ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के हैंडल से पीड़िता की तस्वीर साझा की।
सीएम पर चलाए शब्दबाण
उसकी पहचान उजागर की। उन्होंने POCSO एक्ट की धारा 23 का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की। लिखा है कि पॉक्सो एक्ट की धारा 23(2) के मुताबिक मीडिया में किसी बच्चे की पहचान उजागर नहीं की जा सकती।
इसमें नाम, पता, फोटो, परिवार से जुड़ी जानकारी, स्कूल, पड़ोस या ऐसी कोई अन्य जानकारी शामिल है, जिससे बच्चे की पहचान सामने आ सकती है। धारा 23(4) में इसके उल्लंघन पर छह महीने से एक वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
तेजस्वी ने पूछा- कानून की धारा का क्या होगा?
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब पुलिस सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
फिर तो मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से सामने आई तस्वीर को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने बिहार पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की।
मीसा भारती ने भी उठाया सवाल
राजद सांसद मीसा भारती ने मुख्यमंत्री के साथ सामने आई तस्वीर को साझा करते हुए सवाल किया कि क्या तस्वीर में दिखाई दे रही बच्ची जमुई कांड की पीड़िता है। उन्होंने इस मामले में बिहार पुलिस से मुख्यमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे पीड़िता के स्वजन
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जमुई की नाबालिग पीड़िता अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिली थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को त्वरित न्याय का भरोसा दिया और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही थी।
इसी मुलाकात की तस्वीर मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किए जाने के बाद विपक्ष ने पहचान उजागर होने का आरोप लगाया।
जमुई मामले में अब तक क्या हुआ?
19 सितंबर को जमुई में कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग लड़के और लड़की को कुछ युवकों ने रास्ते में रोककर बदसलूकी की थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की।
नासमझ, अनाड़ी, कानून विरोधी बिहार के मुख्यमंत्री ख़ुद पॉक्सो एक्ट की धज्जियाँ उड़ा रहे है। जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता की परिजनों संग अपने सोशल मीडिया हैंडल से तस्वीर जारी कर पीड़िता की पहचान उजागर कर रहे है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 24, 2026
पॉक्सो एक्ट (POCSO Act, 2012) के तहत पीड़ित बच्चे या नाबालिग की… pic.twitter.com/jH5C6wRrf7
क्या यह जमुई कांड की पीड़ित बच्ची है?
— Dr. Misa Bharti - विजयी पाटलिपुत्र! ✌️ (@MisaBharti) September 24, 2026
एक तरफ बिहार पुलिस निजता के हनन के नाम पर वीडियो अपलोड करने वाले सभी लोगों पर एफआईआर दर्ज कर रही है और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री @samrat4bjp खुद पीड़ित बच्ची की पहचान उजागर कर रहे हैं?
मुख्यमंत्री पर FIR दर्ज करे @bihar_police! pic.twitter.com/Ksjd4pL400
