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     Vaibhav Suryavanshi: 14 साल की उम्र में इतिहास रच गया वैभव सूर्यवंशी, बाबर आजम का रिकॉर्ड तोड़ बने दुनिया के इकलौते खिलाड़ी

    Updated: Sat, 10 Jan 2026 03:04 PM (GMT+05:30)

    14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 यूथ वनडे सीरीज में पाकिस्तान के बाबर आजम का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उन्होंने 15 साल की उम्र से पहले तीन शतक लगाकर अं ...और पढ़ें

    14 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया

    14 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया

    HighLights

    1. 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 क्रिकेट में इतिहास रचा।

    2. बाबर आजम का 15 साल से पहले शतक का रिकॉर्ड तोड़ा।

    3. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 74 गेंदों में 127 रन की तूफानी पारी।

    डिजिटल डेस्क, पटना। भारतीय क्रिकेट को एक और चमकता हुआ सितारा मिल गया है। महज 14 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत का ध्यान उनकी ओर खींच लिया है। अंडर-19 यूथ वनडे सीरीज में वैभव ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ते हुए खुद को इतिहास के पन्नों में दर्ज करा लिया है।

    दक्षिण अफ्रीका अंडर-19 टीम के खिलाफ खेली गई हालिया यूथ वनडे सीरीज में वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल की उम्र से पहले तीन शतक लगाकर एक अनोखा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह उपलब्धि केवल बाबर आजम के नाम थी, जिन्होंने अपने अंडर-19 करियर में 15 वर्ष से पहले दो शतक जड़े थे। वैभव ने न केवल इस रिकॉर्ड को तोड़ा, बल्कि एक नया मानक भी स्थापित कर दिया।

    क्रिकेट आंकड़ों पर नजर डालें तो अंडर-19 यूथ वनडे सीरीज में 15 वर्ष की उम्र से पहले एक से अधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ी दुनिया में अब तक सिर्फ दो ही रहे हैं, बाबर आजम और वैभव सूर्यवंशी।

    फर्क इतना है कि जहां बाबर दो शतकों तक सीमित रहे, वहीं वैभव तीन शतक ठोककर इस सूची में अकेले शीर्ष पर पहुंच गए हैं। यही वजह है कि उन्हें अब इस श्रेणी में दुनिया का इकलौता खिलाड़ी कहा जा रहा है।

    सीरीज के तीसरे वनडे मुकाबले में वैभव का बल्ला आग उगलता नजर आया। पारी की शुरुआत से ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।

    74 गेंदों में 127 रनों की तूफानी पारी खेलते हुए उन्होंने 171 से अधिक की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। उनकी इस पारी में नौ चौके और 10 लंबे छक्के शामिल थे, जिसने दर्शकों और चयनकर्ताओं, दोनों को प्रभावित किया।

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    विशेषज्ञ मानते हैं कि वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्वता दिखाई देती है। मैदान पर उनकी टाइमिंग, शॉट चयन और आक्रामकता यह संकेत देती है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य में एक बड़ा मैच विनर मिलने वाला है।

    इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित खिलाड़ियों के रिकॉर्ड तोड़ना किसी साधारण प्रतिभा के बस की बात नहीं है।

    देश-विदेश में वैभव के प्रदर्शन की जमकर तारीफ हो रही है। क्रिकेट पंडितों का कहना है कि अगर उन्हें सही मार्गदर्शन और निरंतर अवसर मिलते रहे, तो आने वाले वर्षों में वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट की नई पहचान बन सकते हैं।

    फिलहाल इतना तय है कि इस किशोर बल्लेबाज ने अपने बल्ले से इतिहास लिख दिया है और भविष्य के लिए बड़ी उम्मीदें जगा दी हैं।