रेड सिग्नल पर रुकी थी वंदे भारत; लड़कों ने एडिट कर वायरल किया वीडियो, 5 पर एफआईआर
पटना के बख्तियारपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस के लाल सिग्नल पर रुकने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसे छेड़छाड़ कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया ग ...और पढ़ें

वंदे भारत काे रोकने का वीडियो हो रहा वायरल। फोटो-वीडियो ग्रैब
HighLights
वंदे भारत ट्रेन के रोके जाने का वीडियो वायरल।
लाल सिग्नल पर रुकी थी ट्रेन, छेड़छाड़ कर फैलाया।
पांच नाबालिगों पर एफआईआर, आईटी एक्ट की भी जांच।
संवाद सूत्र, अथमलगोला (पटना)। बख्तियारपुर लिंक और बख्तियारपुर स्टेशन के बीच सबनिमा गांव के समीप 22234 डाउन वंदे भारत एक्सप्रेस को रोके जाने का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद रेल महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में बख्तियारपुर आरपीएफ थाने में 27 जनवरी को सबनिमा गांव के पांच लड़कों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वहीं, बख्तियारपुर रेल थाना में भी आरोपितों के खिलाफ कांड संख्या 13/26, दिनांक 31-01-26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल बख्तियारपुर आरपीएफ और जीआरपी दोनों ही मामले की गहन जांच में जुटी हैं।
इधर, जीआरपी थाना के अनुसंधानकर्ता अवर निरीक्षक मनीष कुमार ने रेल साइबर थाना, पटना को आवेदन देकर वायरल वीडियो में भ्रामक और गलत तथ्यों को प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है।
आवेदन में इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड करने वाले आईडी धारक के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
गलत तथ्य के साथ वायरल किया वीडियो
आरपीएफ इंस्पेक्टर और जीआरपी थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि सबनिमा गांव के पास बख्तियारपुर लिंक पर लाल सिग्नल होने के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस कुछ समय के लिए रुकी थी।
इसी दौरान गांव के कुछ लड़कों ने ट्रेन का वीडियो बनाया और बाद में उसमें छेड़छाड़ कर इसे इस तरह वायरल किया, मानो ट्रेन को जबरन रोका गया हो।
पुलिस ने पांच विधि-विरुद्ध आचरण करने वाले लड़कों की पहचान कर ली है और उनके विरुद्ध अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। रेल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों और भ्रामक वीडियो पर भरोसा न करें।