Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कौन हैं अभिषेक बंटी? 14% का गणित या 27 साल की मेहनत, BJP ने आखिर क्यों खेला बांकीपुर का सबसे बड़ा दांव

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 08:26 PM (IST)

    भाजपा ने बांकीपुर उपचुनाव के लिए अभिषेक सिन्हा 'बंटी' को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने उनके कायस्थ समाज से होने और 27 साल के संगठनात्मक अनुभ ...और पढ़ें

    14% कायस्थ वोट बैंक भी बना अहम फैक्टर

    14% कायस्थ वोट बैंक भी बना अहम फैक्टर

    HighLights

    1. भाजपा ने अभिषेक सिन्हा 'बंटी' को बांकीपुर उपचुनाव उम्मीदवार घोषित किया।

    2. कायस्थ वोट बैंक और 27 साल का संगठनात्मक अनुभव बना आधार।

    3. उपचुनाव में बंटी का मुकाबला रेखा गुप्ता और प्रशांत किशोर से।

    डिजिटल डेस्क, पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने लंबे इंतजार के बाद अभिषेक सिन्हा उर्फ 'बंटी' को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। टिकट की दौड़ में कई चर्चित और वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में थे, लेकिन अंत में पार्टी ने संगठन से निकले एक युवा चेहरे पर भरोसा जताया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अभिषेक बंटी ही क्यों?

    14% कायस्थ वोट बैंक भी बना अहम फैक्टर

    राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कायस्थ समाज के मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत मानी जाती है। जबकि यादव 12 प्रतिशत तो मुस्लिम 9 प्रतिशत है।

     

    भाजपा इस सीट पर अपने परंपरागत सामाजिक आधार को बनाए रखना चाहती थी। अभिषेक सिन्हा कायस्थ समाज से आते हैं, इसलिए सामाजिक समीकरण भी उनकी उम्मीदवारी के पक्ष में एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है।

    27 साल का संगठनात्मक सफर आया काम

    हालांकि, सिर्फ जातीय समीकरण ही नहीं, अभिषेक सिन्हा का करीब 27 वर्षों का संगठनात्मक अनुभव भी उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।

    उन्होंने भाजपा में बूथ अध्यक्ष से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। इसके बाद मंडल मंत्री, मंडल महामंत्री, पटना महानगर युवा मोर्चा अध्यक्ष और वर्तमान में भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में लगातार जिम्मेदारियां निभाईं।

    कार्यकर्ता से उम्मीदवार तक का संदेश

    भाजपा के इस फैसले को संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए भी एक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने किसी बड़े राजनीतिक परिवार या चर्चित चेहरे के बजाय लंबे समय से संगठन में सक्रिय कार्यकर्ता को टिकट देकर यह संकेत देने की कोशिश की है कि मेहनत और संगठन के प्रति निष्ठा का सम्मान किया जाता है।

    त्रिकोणीय मुकाबले में होगी असली परीक्षा

    30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव में अभिषेक सिन्हा का मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल की रेखा गुप्ता और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से होगा।

    तीन प्रमुख उम्मीदवारों की मौजूदगी के कारण बांकीपुर का चुनाव इस बार बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो गया है।

    समीकरण से आगे प्रदर्शन की चुनौती

    14 प्रतिशत कायस्थ वोट बैंक भाजपा के लिए एक अहम आधार हो सकता है, लेकिन जीत की राह केवल इसी पर निर्भर नहीं होगी।

    अन्य सामाजिक वर्गों का समर्थन, संगठन की सक्रियता और चुनाव प्रचार की रणनीति भी परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    ऐसे में अभिषेक 'बंटी' के सामने अब संगठन के भरोसे को जनता के समर्थन में बदलने की सबसे बड़ी चुनौती होगी।

    यह भी पढ़ें- बांकीपुर उपचुनाव में BJP का 'कायस्थ कार्ड', अभिषेक कुमार को बनाया उम्मीदवार; 9 जुलाई को करेंगे नामांकन