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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Politics: कितने पढ़े लिखे हैं अंशुल अविजीत? जो रविशंकर प्रसाद का करेंगे सामना; कांग्रेस नेता के हैं पुत्र

    Updated: Wed, 24 Apr 2024 12:34 PM (IST)

    Bihar News बिहार की हॉट सीट पटना साहिब अब चर्चा का विषय बन गई है। इस सीट पर एनडीए से भाजपा उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद तो कांग्रेस से पूर्व लोकसभा स्पीक ...और पढ़ें

    अंशुल अविजीत और रविशंकर प्रसाद (जागरण फोटो)
    अंशुल अविजीत और रविशंकर प्रसाद (जागरण फोटो)

    HighLights

    1. बीते मंगलवार को अंशुल अविजीत के नाम ने सभी को चौंका दिया।
    2. पटना साहिब सीट से अंशुल अविजीत रविशंकार प्रसाद का सामना करेंगे।

    राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News Today: कांग्रेस ने पटना साहिब संसदीय क्षेत्र से डा. अंशुल अविजीत को प्रत्याशी बनाया है। वे  इस सीट से भाजपा के दिग्गज नेता रविशंकर प्रसाद का सामना करेंगे। बता दें कि वर्तमान में रविशंकर प्रसाद ही यहां से सांसद हैं। 

    कौन हैं अंशुल अविजीत (Who is Anshul Avijit)

    अंशुल अविजीत लोकसभा की अध्यक्ष रही मीरा कुमार के पुत्र हैं। मीरा कुमार दो बार सासाराम से सांसद भी रही हैं। इस बार उन्होंने स्वेच्छया चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा पहले ही कर दी थी। सुरक्षित सीट होने के कारण सासाराम में अंशुल प्रत्याशी नहीं हो सकते थे, क्योंकि वे पिछड़ा वर्ग से आते हैं। सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता रहे उनके पिता मंजुल कुमार कुशवाहा समाज से हैं। कई दावेदारों और उनके बड़े-बड़े पैरवीकारों के कारण पटना साहिब के प्रत्याशी का नाम सार्वजनिक नहीं हो रहा था।

    बीते मंगलवार को अंशुल अविजीत के नाम की घोषणा हुई

    इसके बाद आखिरकार बीते मंगलवार को अंशुल अविजीत (Anshul Avijit) के नाम की घोषणा हुई। हालांकि, केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार को हुई बैठक में ही उनका नाम तय कर दिया था। सोमवार को पांच संसदीय क्षेत्रों के लिए प्रत्याशियों के नाम की घोषणा हुई थी, लेकिन पटना साहिब को उससे परे कर दिया गया था। अब अंशुल के नाम की घोषणा के साथ बिहार में कांग्रेस ने अपने हिस्से की सभी नौ सीटों के प्रत्याशियों का नाम सार्वजनिक कर दिया है।

    पटना साहिब में सबसे अंतिम यानी सातवें चरण में चुनाव होना है। अपेक्षाकृत कम चर्चित, लेकिन सौम्य व्यवहार वाले अंशुल अभी कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। किसी मुद्दे पर भी उनकी प्रतिक्रिया तथ्यपूर्ण व राजनीतिक शुचिता वाली होती है।

    इतिहास और राजनीति शास्त्र पर अच्छी पकड़ रखते हैं अंशुल अविजीत

    इतिहास व राजनीति शास्त्र पर वे अच्छी पकड़ रखते हैं और वे कैंब्रिज विश्वविद्यालय से एमफिल व पीएचडी कर चुके हैं। राजनीति उन्हें विरासत में मिली है। सासाराम से मृत्युपर्यंत आठ बार सांसद रहे जगजीवन राम उनके नाना थे, जो उप प्रधानमंत्री तक रहे।

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    उनकी दादी सुमित्रा देवी के नाम बिहार सरकार में पहली महिला कैबिनेट मंत्री होने का रिकार्ड दर्ज है। मां मीरा कुमार पांच बार सांसद चुनी जाने वाली बिहार की एकमात्र महिला हैं। सासाराम से पहले मीरा कुमार दो बार दिल्ली में करोलबाग और एक बार उत्तर प्रदेश में बिजनौर से सांसद रह चुकी हैं।

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